चंडीगढ़ पंजाब

खैहरा गुट की आठ सदस्यों की कार्यवाहक राजनीतिक मामलों की कमेटी की घोषणा

विधायक कंवर संधू ने यहां मंगलवार को कार्यवाहक राजनीतिक मामलों की इस कमेटी का ऐलान किया...
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Updated: 7 Aug 2018, 4:43 PM IST
patrika news
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(पत्रिका ब्यूरो,चंडीगढ): सुखपाल खैहरा गुट ने पंजाब में आम आदमी पार्टी को केन्द्रीय नेतृत्व के प्रभाव से मुक्त करते हुए स्वायत्त बनाने की मुहिम के तहत मंगलवार को आठ सदस्यों की कार्यवाहक राजनीतिक मामलों की कमेटी का ऐलान कर दिया। इस कमेटी में पूर्व नेता प्रतिपक्ष सुखपाल खैहरा,वरिष्ठ विधायक कंवर संधू, नजर सिंह महाशिया, जगदेव सिंह कमालू, मास्टर बलदेव सिंह, पीरमल सिंह खालसा, जगतार सिंह जग्गा हिसोवाल,जयकिशन सिंह रोडी को शामिल किया गया है। ये सभी सदस्य विधायक हैं। कमेटी में नजर सिंह महाशिया को सदस्य सचिव बनाया गया है।

विधायक कंवर संधू ने यहां मंगलवार को कार्यवाहक राजनीतिक मामलों की इस कमेटी का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि कमेटी के साथ आठ विशेष आमंत्रित सदस्य भी जोडे गए है। इनमें गुरप्रताप सिंह कुशलपुर, दलजीत सिंह सरदारपुरा, एनएस चहल एडवोकेट, दीपक बंसल, परमजीत सिंह सचदेवा, परगट सिंह चैगवान, सुरेश शर्मा, सुश्री करमजीत कौर शामिल हैं। संधू ने कहा कि कार्यवाहक राजनीतिक मामलों की कमेटी के सभी सदस्य और विशेष आमंत्रित सदस्य जल्दी ही घोषित की जाने वाली कार्यवाहक राज्य कार्यकारिणी में भी शामिल किए जाएंगे।

संधू ने कहा कि कार्यवाहक राजनीतिक मामलों की कमेटी अपनी देखरेख में पार्टी के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष या संयोजक की नियुक्ति समेत पार्टी के समूचे ढांचे के पुनर्गठन को अंजाम देगी। यही कमेटी जिला,विधानसभा और ब्लाॅक स्तर पर पार्टी की इकाइयों का गठन करेगी। पार्टी में नई जान फूंकने के लिए जिला स्तर पर सम्मेलन का आयोजन भी करवाएगी। प्रदेश में आम आदमी पार्टी का ढांचा खडा होने के बाद कार्यवाहक राजनीतिक मामलों की कमेटी व कार्यवाहक प्रदेश कार्यकारिणी भंग हो जाएगी।

भटिंडा में दो अगस्त को सुखपाल खैहरा गुट ने पार्टी कार्यकर्ताओं का सम्मेलन आयोजित कर प्रदेश में पार्टी का नया ढांचा खडा करने का ऐलान किया था। इस ऐलान के तहत मंगलवार को खैहरा गुट ने यह पहला कदम उठाया है। केन्द्रीय नेतृत्व ने हाल में सुखपाल खैहरा को पंजाब के नेता प्रतिपक्ष के पद से हटा दिया था। इस कार्रवाई से असंतुष्ट सुखपाल खैहरा ने आरोप लगाया था कि उन्हें हटाने की कार्रवाई अलोकतांत्रिक ढंग से की गई। ट्वीट के जरिए उन्हें नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाने की सूचना जारी करने से पहले विधानसभा अध्यक्ष को नए नेता की नियुक्ति का पत्र पहुंच गया। नए नेता की नियुक्ति के लिए इसके बाद ही विधायकों से व्हाट्सएप पर सहमति मांगी गई। बहरहाल खैहरा गुट ने पंजाब में समानांतर इकाई गठन की दिशा में आगे बढते हुए कहा है कि पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविन्द केजरीवाल और पंजाब प्रभारी उनके नेता हैं। एक लाॅबी इन नेताओं को गुमराह कर रही है। इस लाॅबी में दुर्गेश पाठक और गैरी वडिंग प्रमुख है।

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