प्राथमिक सरकारी स्कूल में पोषाहार दलित महिला पोषाहारकर्मी को भोजन बनाने से रोकने के मामले में तीन जनों को गिरफ्तार किया गया है।
सेलम. जिले की के. मोरूर प्राथमिक सरकारी स्कूल में पोषाहार दलित महिला पोषाहारकर्मी को भोजन बनाने से रोकने के मामले में तीन जनों को गिरफ्तार किया गया है।
जिले के काडयम्बाड़ी के निकट कनवायपुदूर पंचायत क्षेत्र के के. मोरूर गांव की सरकारी स्कूल में ज्योति (४६) नाम की महिला पोषाहारकर्मी है। वे दलित समुदाय की हैं। कुछ दिनों पहले उनको पदोन्नति मिली और उसी पंचायत क्षेत्र के कुप्पनकोट्टाय पंचायत समिति की प्राथमिक स्कूल में नियुक्ति मिली।
इस स्कूल में ५० से अधिक विद्यार्थी पढ़ते हैं। आरोप है कि इन विद्यार्थियों का कहना है कि वे दलित वर्ग से हैं इसलिए उनका पकाया भोजन नहीं करेंगे। स्कूल के प्रधानाचार्य शेखर को भी अभिभावकों ने चेताया कि जब तक ज्योति रसोई बनाएगी वे उनके बच्चों को पढऩे नहीं भेजेंगे।
शेखर ने इस मामले की जानकारी खण्ड विकास अधिकारी को दी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। फिर मामले ने राजनीतिक रूप लिया। विडुदलै चीरतै कच्ची (वीसीके) ज्योति के समर्थन में आई। इस वजह से ज्योति के साथ और खिलाफ के दो पक्ष बन गए। इनकी ओर से तिवड़ीपट्टी-बोम्मिडी मार्ग पर प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनस्थल पर पहुंची पुलिस से अनुरोध किया गया ज्योति के खिलाफ प्रदर्शनरत अभिभावकों पर अस्पृश्यता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। पुलिस के इस बारे में कदम उठाने के आश्वासन के बाद ज्योति के समर्थकों ने प्रदर्शन वापस लिया।
पुलिस ने इसके बाद स्कूल के अध्यापक समेत छह जनों पर प्राथमिकी दर्ज की और तीन जनों को गिरफ्तार कर लिया। जिला कलक्टर आर. रोहिणी ने आदेश दिए है कि अस्पृश्यता संबंधी मामलों की निगरानी समिति का गठन किया जाएगा। प्रदर्शनस्थल पर पहुंची पुलिस से अनुरोध किया गया ज्योति के खिलाफ प्रदर्शनरत अभिभावकों पर अस्पृश्यता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। पुलिस के इस बारे में कदम उठाने के आश्वासन के बाद ज्योति के समर्थकों ने प्रदर्शन वापस लिया।
पुलिस ने इसके बाद स्कूल के अध्यापक समेत छह जनों पर प्राथमिकी दर्ज की और तीन जनों को गिरफ्तार कर लिया। जिला कलक्टर आर. रोहिणी ने आदेश दिए है कि अस्पृश्यता संबंधी मामलों की निगरानी समिति का गठन किया जाएगा।