10th board exam result 2024 : तमिलनाडु में दसवीं बोर्ड का परीक्षा परिणाम जारी हो गया है। दसवीं बोर्ड (एसएसएलसी) के परीक्षा परिणाम में भी छात्राएं अव्वल रहीं। छात्राओं के 94.66 प्रतिशत नतीजे के साथ दसवीं बोर्ड का औसत रिजल्ट 91.55% रहा।
चेन्नई. बारहवीं की तरह दसवीं बोर्ड (एसएसएलसी) के परीक्षा परिणाम में भी छात्राएं अव्वल रहीं। छात्राओं के 94.66 प्रतिशत नतीजे के साथ दसवीं बोर्ड का औसत रिजल्ट 91.55% रहा। तमिलनाडु सरकारी परीक्षा निदेशालय ने 26 मार्च से 8 अप्रेल तक एसएसएलसी परीक्षा का आयोजन किया था। पिछले साल तमिलनाडु बोर्ड की 10वीं परीक्षा का रिजल्ट 19 मई को जारी हुआ था।
इस बार नतीजे दस मई को ही घोषित कर दिए गए। रामनाथपुरम जिले के कामुदी क्षेत्र की निजी स्कूल की छात्रा काव्या जननी ने 500 में से 499 अंक हासिल किए हैं। राज्य में पिछले कुछ सालों से रैंक घोषित नहीं की जाती है। इस साल टीएन एसएसएलसी की परीक्षा में 8,94,264 विद्यार्थियों ने राज्य के 4107 परीक्षा केंद्रों पर पर्चा लिखा था। कुल परीक्षार्थियों में से 91.55 फीसदी विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं जिनमें 4,22,591 लड़कियां और 3,96,152 लड़के हैं।
तमिल में 96.85 फीसदी, अंग्रेजी में 99.15 फीसदी,गणित में 96.78, साइंस में 96.72 फीसदी और सामाजिक विज्ञान में कुल 95.74% स्टूडेंट्स पास हुए हैं। इस साल कुल 4105 स्कूलों का रिजल्ट 100% रहा, जिनमें से 1364 सरकारी स्कूल शामिल हैं। वहीं परीक्षा में कुल 13510 दिव्यांग स्टूडेंट्स शामिल हुए थे, जिनमें से 12491 (92.45%) सफल हुए हैं।
पिछले साल एसएसएलसी में 91.39 प्रतिशत स्टूडेंट्स पास हुए थे जिसमें 0.16 फीसदी का मामूली सुधार दर्ज हुआ है। 2023 में पेरम्बलूर जिले का रिजल्ट सबसे अधिक दर्ज किया गया था। इस बार लड़कियों का रिजल्ट 94.53 प्रतिशत और लड़कों का 88.58 प्रतिशत दर्ज हुआ है।
बोर्ड परीक्षा में अरियलूर जिला 97.31 सफलता प्रतिशत के साथ राज्य में टॉप रहा। अरियलूर जिले के कुल 9565 में से 9308 परीक्षार्थी पास हुए। इसी क्रम में शिवगंगा जिला 97.02 प्रतिशत के साथ दूसरे और रामनाथपुरम जिला तीसरे स्थान पर रहा जिसका परीक्षा परिणाम 96.36 प्रतिशत रहा। इसके बाद कन्याकुमारी और तिरुचि जिले रहे। पिछले वर्ष शिवगंगा टॉप पर था इस बार दूसरे क्रम पर फिसल गया।
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को दसवीं की बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सभी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह उच्च शिक्षा का प्रवेश द्वार है। अपने आधिकारिक 'एक्स' पेज पर पोस्ट किए संदेश में, स्टालिन ने कहा, "प्रिय छात्रों.. अपने भविष्य की योजना बनाने और उसे आकार देने के लिए एक मजबूत नींव रखें। जिन लोगों ने कम अंक प्राप्त किए हैं वे अगले अवसरों का अच्छा उपयोग करें! उच्च शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा जैसे अनेक अवसर हैं। हमारी सरकार की नान मुदलवन जैसी योजनाएं आपका मार्गदर्शन करने के लिए उपलब्ध हैं। शिक्षा का हथियार आपकी सदैव सहायता करे।”