चेन्नई

सामाजिक एवं सांस्कृतिक सशक्तिकरण के लिए मानवीय मूल्य जरूरी

एसएमके फोमरा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी का दीक्षांत समारोह
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Updated: 24 Sep 2018, 6:11 PM IST
Convocation of SMK Phomra Institute of Technology
सामाजिक एवं सांस्कृतिक सशक्तिकरण के लिए मानवीय मूल्य जरूरी

चेन्नई. केलमबाक्कम स्थित एसएमके फोमरा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में शनिवार को तेरहवें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान संस्थान कलपाकम के एसोसिएट निदेशक डॉ. के. आनंदशिवन थे।
आनंदशिवन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के इस परिवर्तनकारी दौर में प्रौद्योगिकी के साथ सामाजिक संगठन एवं संस्कृति में भी तेजी से बदलाव हो रहा है।
ऐसे में देश के साथ समाज और संस्कृति को सशक्त बनाए रखना भी बहुत जरूरी है। उन्होंने उपाधिधारकों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि समाज एवं संस्कृति को सशक्त बनाने के लिए मानवीय मूल्यों का होना आवश्यक है।
इस दौरान सभा का स्वागत करते हुए प्रधानाचार्य प्रो. वी. कृष्णकुमार ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। समारोह के दौरान न्यासी एवं पत्राचारक श्रीकुमार फोमरा, चेयरमैन सुंदरलाल फोमरा एवं न्यासी नटवरलाल फोमरा ने भी उपाधिकारकों को संबोधित किया। समारोह के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान संस्थान कलपाकम के एसोसिएट निदेशक डॉ. के. आनंदशिवन थे।
आनंदशिवन ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के इस परिवर्तनकारी दौर में प्रौद्योगिकी के साथ सामाजिक संगठन एवं संस्कृति में भी तेजी से बदलाव हो रहा है।

वीआईटी में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू

वेलूर. स्थानीय वेलूर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से रविवार को विशेष कंक्रीट मिक्चर विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) इलाहाबाद के प्रोफेसर एस.के. मिश्रा ने किया। इस अवसर पर देश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रोफेसरों, प्राध्यापकों, विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने अपना शोध प्रपत्र प्रस्तुत करते हुए अनुभव साझा किया। कार्यक्रम में रामको सीमेंट के उप प्रबंधक एवं विशिष्ट अतिथि उपप्रबंधक अनिल कुमार के अलावा संस्थान के सिविल विभाग के प्रोफेसर उमाशंकर आदि मौजूद थे। इस अवसर पर देश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों के प्रोफेसरों, प्राध्यापकों, विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने अपना शोध प्रपत्र प्रस्तुत करते हुए अनुभव साझा किया।

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