-३० से पहुंची २२ लाख
चेन्नई. राज्य सरकार द्वारा कठिन परीक्षण और डिजीटल ट्रैक के कारण ड्राइविंग लाइसेंस धारकों की संख्या २०१८-१९ में घटकर २२ लाख हो गई, जबकि २०१७-१८ में यह संख्या ३० लाख थी। सूत्रों के अनुसार नए डिजीटल ट्रैक और क्षेत्रिय परिवहन कार्यालयों की क्लबिंग के बाद जारी किए जाने वाले ड्राइविंग लाइसेंस में २६ प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई है।
आरटीओ में भ्रष्टाचार और मध्यस्थता को खत्म करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की थी। आरटीओ में भ्रष्टाचार और मध्यस्थता को खत्म करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू की थी। इससे पहले जब सरकार द्वारा आरटीओ पर अंकुश लगाकर करुर जिले में पायलट आधार पर डिजीटल ट्रैक की शुरुआत की गई थी तो ड्राइविंग आवेदकों में गिरावट आने के साथ परीक्षण के दौरान पास होने वाले लोगों की संख्या में भी गिरावट आई थी।