
वियतनाम बोट हादसा और विलाप करते परिजन। फोटो-एएनआई
चेन्नई। वियतनाम में 11 जुलाई को नौका हादसे में मारे गए 10 पर्यटकों में से पांच के शव मंगलवार को तमिलनाडु लाए गए। सभी शवों को वियतनाम के विशेष विमान (वीएन 979) से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लाया गया। मुंबई से दो शव चेन्नई लाए गए, जबकि तीन अन्य के शव पहले चरण में कोयंबटूर लाए गए। राज्य के बाकी पांच पर्यटकों के शव बाद में मुंबई से लाए जाएंगे।
कडपा के मुडियम श्रीधर का पार्थिव शरीर जैसे ही हैदराबाद के आरजीओ एयरपोर्ट से उनके घर पहुंचा, पूरे इलाके में मातम छा गया। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उनके घर पहुंचे, जहां परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। हर आंख नम थी और हर चेहरा उस दर्द को महसूस कर रहा था, जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। इस दौरान एक मासूम बच्चे की चीखों ने सभी की आंखों को नम कर दिया।
गौरतलब है कि 11 जुलाई को वियतनाम के फु क्वोक द्वीप पर नौका पलटने की घटना में कुल 15 भारतीय पर्यटक डूब गए, जिनमें से 10 तमिलनाडु से थे। बाकी पांच में से तीन आंध्र प्रदेश से और दो केरल से थे। कुल 36 पर्यटक, जिनमें चार क्रू सदस्य भी शामिल थे। सभी होन मे रुट न्गोई द्वीप जा रहे थे। इस दौरान किनारे से निकलने के कुछ ही मिनटों बाद यह हादसा हो गया। नौका किनारे से 300 से 400 मीटर की दूरी पर पलट गई। नौका के पलटने का कारण बहुत अधिक भीड़ का होना बताया जा रहा है। कुल 21 पर्यटकों को बचाया गया।
तमिलनाडु सरकार ने विदेश मंत्रालय और वियतनाम में भारतीय दूतावास के साथ मिलकर पीड़ितों की मदद की। मुख्यमंत्री विजय ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और सलेम रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक संतोष हदिमानी को वियतनाम के हो ची मिन्ह शहर भेजा और दूतावास के अधिकारियों के साथ मिलकर मृतकों के शवों को वापस लाने की प्रक्रिया को तेज किया। इस भयानक हादसे से सुरक्षित एक व्यक्ति ने बताया कि तमिलनाडु के 10 मृतकों में से चार चेन्नई से, तीन तिरुचिरापल्ली से और एक-एक सलेम, इरोड और तिरुप्पुर से थे।
हवाईअड्डा अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में तिरुवन्नामलाई के रविशंकर और वेल्लोर के विनायककुमार के शव इंडिगो एयरलाइंस की उड़ान से चेन्नई लाए गए। हवाईअड्डा के कार्गो टर्मिनल पर जरूरी सरकारी कार्यवाही पूरी होने के बाद शवों को परिवार वालों और जिला अधिकारियों को सौंप दिया गया और सरकारी गाड़ियों से उन्हें उनके पैतृक स्थानों पर भेजा गया। वेल्लोर के विधायक विनोद कन्नन ने हवाईअड्डा पर मृतकों के पार्थिव शरीर पर फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। मृतकों के परिजनों ने इस नुकसान पर गहरा दुख जताया।
विनायककुमार के परिजनों ने बताया कि वह व्यापार से जुड़ी एक बैठक के सिलसिले में वियतनाम गए थे और इस घटना को कभी न पूरा होने वाला नुकसान बताते हुए शवों को घर वापस लाने में राज्य सरकार, स्थानीय अधिकारियों और भारतीय राजनयिक अधिकारियों से मिली मदद की भी सराहना की। त्रिची के रहने वाले तीन लोगों शेख अब्दुल्ला, बालाजी और अजहगुराजा के शव कोयंबटूर लाए गए और जरूरी कार्यवाही पूरी करने के बाद उन्हें त्रिची ले जाया गया।
Updated on:
14 Jul 2026 04:55 pm
Published on:
14 Jul 2026 04:55 pm
