
चेन्नई।महानगर में आवागमन में सबसे बड़ा रोडा है सडक़ों के किनारे होने वाली वाहनों की अवैध पार्किंग। शहर की ऐसी कुछ ही सडक़ें हैं जिन पर अवैध पार्किंग नही होती। पेरम्बूर सहित कई अन्य इलाकों की सडक़ों जिनकी चौड़ाई कम है उसके बावजूद वाहनों की अवैध पार्किंग बस एवं अन्य वाहन चालकों के लिए सिरदर्द बनी हुई है। लोग इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए चेन्नई कॉर्पोरेशन मेें कई बार शिकायत भी दर्ज करा चुके हैं। लेकिन इस अवैध पार्किंग को खत्म करने के लिए ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन ने कोई कदम नहीं उठाया है। पेरम्बूर रेलवे स्टेशन के पास वाला जंक्शन भीड़भाड़ वाला इलाका है। यहां से लगातार बसों की आवाजाही होती है।
इसके पास ही स्थित होटल सहित अन्य दुकानों पर लोगों की आवाजाही लगी रहती है। दुकानों पर आने वाले लोग अपने दुपहिया ही नहीं चौपहिया वाहन भी रोड पर ही पार्क कर देते हैं। इतना ही नहीं ऑटो चालक भी अपने ऑटो रोड किनारे खड़ा करके यात्रियों के इंतजार में लगे रहते हैं लेकिन इससे होने वाले असर से उनको कोई फर्क नहीं पड़ता। खासकर यह समस्या सबसे अधिक पेरम्बूर से रेवती मार्केट की ओर जाने वाली सडक़ पर ज्यादा है, जहां बड़ी संख्या में लोग अपना दुपहिया वाहन पार्क करके कहीं और चले जाते हैं। इससे सिकुड़ाई सडक़ से यात्रियों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस रोड पर हमेशा जाम जैसी हालत बनी रहती है।
पेरम्बूर स्टेशन के पास ही पार्किंग सुविधा भी है लेकिन लोग वहां अपने वाहन पार्क नहीं करते क्योंकि उसमें पैसा चुकाना पड़ता है। ऐसे में वे अपना वाहन सडक़ पर पार्क करके अपना काम करने चले जाते हैं। पेरम्बूर निवासी एक दिहाड़ी मजदूर का कहना है कि अवैध पार्किंग के कारण हमेशा रोड पर जाम की स्थिति रहती है। इससे रोड सिकुड़ जाने के कारण वाहन चालकों का निकलना किसी चुनौती से कम नहीं होता। पीक अवर्स में तो जाम हटाने में यातायात पुलिस के पसीने छूट जाते हैं।
इलाके के एक कामकाजी युवक ने बताया कि पीक अवर्स में ऑफिस जाने के लिए कितना भी जल्दी घर से निकलो, यातायात जाम के कारण समय पर ऑफिस नहीं पहुंंच पाता। लोगों की लापरवाही की वजह से ऑंफिस के नियमों का उल्लंघन करना पड़ता है क्योंकि ऑफिस के नियम सख्त हैं, दस बजे से पहले नहीं पहुंचने पर ऑफिस में डांट पड़तीहै। यातायात पुलिस को भी इस मामले में सख्ती बरतनी चाहिए। तभी जाम की समस्या से लोगों को निजात मिल सकती है।
एक अन्य समस्या ठेले वालों को भी है जो सडक़ पर ही खड़े होकर अपनी सामग्री बेचने का कार्य करते है। इन सारी समस्याओं को मद्देनजर रखते हुए निगम एवं यातायात पुलिस को अवैध पार्किंग बंद करने के लिए कठोर कदम उठाने चाहिए ताकि वाहन चालकों को आवागमन में सुविधा हो सके।