
चेन्नई. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की विशेष टीम सीधे तुत्तुकुड़ी जाकर स्टरलाइट विरोधी आंदोलन के दौरान हुई पुलिस फायरिंग और हिंसा की पड़ताल करेगी।
तुत्तुकुड़ी में २२ मई को स्टरलाइट विरोधी आंदोलन के तहत प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट का घेराव करने की कोशिश की। इस दौरान पथराव हुए और पुलिस वाहन जला दिए गए। पुलिस ने कथित रूप से नियंत्रण उपाय के तहत पहले आंसू गैस छोड़े, फिर लाठीचार्ज व फायरिंग की। इस वजह से १३ जनों की मौत हो गई।
पुलिस फायरिंग में गोली चलाने के नियत अनुशासन की अनुपालना नहीं किए जाने को लेकर आयोग तमिलनाडु शासन सचिव व डीजीपी को नोटिस भेज चुका है। इस बीच खबर यह है कि आयोग की चार सदस्यीय टीम मौका मुआयना कर तथ्य जुटाएगी। गौरतलब है कि पुलिस फायरिंग की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर अधिवक्ता रामराजन ने भी आयोग में अर्जी लगाई थी। वहां उनकी अर्जी पर सुनवाई नहीं होने के बाद उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका लगाई। हाईकोर्ट ने एनएचआरसी को निर्देश दिया कि वह याची की फरियाद पर गौर करे।
याची रामराजन मंगलवार को अपनी याचना के साथ मानवाधिकार आयोग पहुंचे। आयोग ने उनकी विनती सुनने के बाद निर्देश दिया कि मानवाधिकार आयोग के चार अधिकारी तुत्तुकुड़ी जाकर मुआयना करेंगे। यह टीम पुलिस फायरिंग के अलावा प्रदर्शनकारियों पर दायर मुकदमों, अवैध हिरासत में रखना व अन्य मानवाधिकार उल्लंघनों की पड़ताल करेगी। अनुसंधान के बाद यह टीम दो सप्ताह में अंतरिम रिपोर्ट आयोग को देगी।