
Tamil Nadu politics: उदयनिधि ने TVK को घेरा, अधूरे वादों और कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल (फोटो सोर्स: ANI)
TVK Election Promises: तमिलनाडु की राजनीति में चुनावी माहौल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। धरापुरम में प्रचार के दौरान विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने TVK सरकार को घेरते हुए दावा किया कि कई चुनावी वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं और राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है। उनके इस हमले ने आगामी उपचुनाव से पहले राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर आरोपों का दौर तेज हो गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) पर निशाना साधते हुए राज्य सरकार के कामकाज को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं। धरापुरम में उपचुनाव के प्रचार के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल चुनाव के समय किए गए कई वादों को पूरा करने में विफल रहा है।
उदयनिधि ने आरोप लगाया कि TVK के विधायक शासन से जुड़े मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की प्रशंसा करने में अधिक व्यस्त हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता जिन मुद्दों को लेकर जवाब चाहती है, वे अब भी लंबित हैं।
विपक्ष के नेता ने महिलाओं को आर्थिक सहायता, मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर, बेरोजगारी सहायता और किसानों के कृषि ऋण माफ करने जैसे चुनावी वादों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों की अपेक्षाएं पूरी नहीं हुई हैं और सरकार को अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करनी चाहिए।
उदयनिधि ने TVK में अन्य राजनीतिक दलों से नेताओं की कथित एंट्री पर भी सवाल उठाए। उन्होंने इस प्रक्रिया की तुलना ऑनलाइन ऐप से सोफा ऑर्डर करने जैसी बताते हुए तंज कसा। उनका इशारा पार्टी में हो रहे राजनीतिक बदलाव और नए सदस्यों के शामिल होने के तरीके की ओर था।
यह बयान ऐसे समय आया है जब धरापुरम सीट पर 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं। उदयनिधि यहां एस. सुगन्या के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। तमिलनाडु में उपचुनाव अक्सर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के लिए जनसमर्थन परखने का महत्वपूर्ण अवसर माने जाते हैं।
राज्य की राजनीति में अभिनेता से नेता बने सी. जोसेफ विजय की पार्टी TVK के उभरने के बाद राजनीतिक समीकरणों पर लगातार चर्चा हो रही है। नई राजनीतिक ताकत के रूप में TVK अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रही है, जबकि पारंपरिक दल उसके विस्तार और नीतियों पर सवाल उठा रहे हैं।
उदयनिधि के हमले से साफ है कि आगामी चुनावी मुकाबलों में विकास, जनकल्याण योजनाएं और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दे प्रमुख रहने वाले हैं। अब नजर इस बात पर होगी कि TVK इन आरोपों का किस तरह जवाब देती है और जनता के बीच उसका संदेश कितना प्रभाव छोड़ता है।
Updated on:
27 Sept 2026 10:18 am
Published on:
27 Sept 2026 09:50 am
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