कोयंबत्तूर. दक्षिण रेलवे ने ऐतिहासिक नीलगिरि पर्वतीय रेलवे (एनएमआर) की नियमित ट्रेनों के किराए में 5% की वृद्धि की है। यह संशोधन शनिवार से लागू हुआ। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव केवल मूल किराए पर लागू होगा। आरक्षण शुल्क, अधिभार और अन्य अतिरिक्त शुल्क यथावत रहेगा। जीएसटी भी पूर्ववत वसूला जाएगा। नई दरों […]
कोयंबत्तूर. दक्षिण रेलवे ने ऐतिहासिक नीलगिरि पर्वतीय रेलवे (एनएमआर) की नियमित ट्रेनों के किराए में 5% की वृद्धि की है। यह संशोधन शनिवार से लागू हुआ। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव केवल मूल किराए पर लागू होगा। आरक्षण शुल्क, अधिभार और अन्य अतिरिक्त शुल्क यथावत रहेगा। जीएसटी भी पूर्ववत वसूला जाएगा। नई दरों के अनुसार, मेट्टुपालयम से कुन्नूर तक द्वितीय श्रेणी का टिकट अब 200 रुपए का होगा, जो पहले 190 रुपए का था। प्रथम श्रेणी का किराया 465 रुपए जबकि कुन्नूर से ऊटी तक द्वितीय श्रेणी का किराया 160 रुपए और प्रथम श्रेणी का 365 रुपए होगा। मेट्टुपालयम से ऊटी तक द्वितीय श्रेणी का किराया 310 रुपए एवं प्रथम श्रेणी का 630 रुपए तय किया गया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि परिचालन लागत में तेजी से वृद्धि के कारण यह संशोधन आवश्यक हो गया। केवल मेट्टुपालयम–कुन्नूर खंड में हॉलिज शुल्क 200% से अधिक बढ़ चुके हैं। इसके अलावा रखरखाव और कर्मचारियों से जुड़ी लागत भी काफी बढ़ी है।
1899 में शुरू हुआ था नीलगिरि पर्वतीय रेलवे का संचालन
उल्लेखनीय है कि नियमित सेवाओं के किराए में पिछली बार 18 फरवरी 2020 को बदलाव किया गया था। एनएमआर में प्रतिदिन लगभग आठ नियमित सेवाएं चलती हैं। इसके अलावा गर्मियों, त्योहारों और सप्ताहांत पर विशेष ट्रेनें एवं निजी आयोजनों के लिए चार्टर ट्रेनें भी उपलब्ध हैं। विशेष और चार्टर सेवाओं के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नीलगिरि पर्वतीय रेलवे का संचालन 1899 में शुरू हुआ था और यह आज भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है। इसकी विरासत महत्ता को देखते हुए यूनेस्को ने 2005 में इसे माउंटेन रेलवे ऑफ इंडिया के अंतर्गत विश्व धरोहर सूची में शामिल किया था।
संशोधित किराए (2एस/एफसी) : एक नजर- मेट्टुपालयम–कुन्नूर: 200 रुपए/465 रुपए
-कुन्नूर–ऊटी: 160 रुपए/365 रुपए- मेट्टुपालयम–ऊटी: 310 रुपए/630 रुपए(सभी दरों में आरक्षण व जीएसटी शामिल हैं)