- तीन आरोपी गिरफ्तार
कड्लूर.
तमिलनाडु के कड्लूर जिले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) की एक फर्जी शाखा का भंडाफोड़ हुआ है। इस मामले में पनरूटी पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से कम्प्यूटर, प्रिंटर्स, चालान, मोहर बरामद किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों के नाम एस. कमल बाबू (19), ए. कुमार (42) और एम.माणिकम (52) है। फर्जी शाखा खोलने का मास्टर माइंड एस. कमल बाबू एसबीआई की एक पूर्व कर्मचारी का बेटा है। फर्जी बैंक का भंडाफोड तब हुआ तब कमल बाबू के रिश्तेदार को उसपर संदेह हुआ।
माता-पिता थे एसबीआई कर्मचारी
पुलिस ने बताया कि कमल के माता-पिता एसबीआई के कर्मचारी थे। पिता का 10 साल पहले निधन हो गया था जबकि मां दो साल पहले एसबीआई से रिटायर हुई थीं। कमल बेरोजगार था। उसने पिता की जगह नौकरी के लिए बैंक में फॉर्म दिया था लेकिन उसे नौकरी नहीं मिली। ऐसे में उसने खुद का ही बैंक खोलने का फैसला कर लिया। वह बचपन से ही अपने माता-पिता के साथ बैंक जाया करता था। इस तरह से बैंक के बारे में काफी जानकारी थी।
फर्जी ब्रांच में सब कुछ असली बैंक जैसा
कड्लूर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि फर्जी बैंक तीन महीने पहले लॉकडाउन के दौरान खुला था लेकिन किसी ग्राहक के साथ धोखाधड़ी नहीं हुई। तीनों आरोपियों ने खोली तो थी फर्जी बैंक लेकिन काम असली बैंक के काम जैसा करते थे। वे अटेंडेंस रजिस्टर के साथ सभी काम असली बैंक जैसा कर रहे थे। पूछताछ में पता चला कि कमल ने बैंक खोलने की योजना बनाई। माणिकम ने बैंक स्टांप वगैरह तैयार की जबकि कुमार ने बैंक की स्टेशनरी, पासबुक, चालान तैयार किया। फर्जी शाखा के लिए कमल ने कंप्यूटर, लॉकर और बाकी सैटअप खरीदा था। साथ ही पनरूटी बाजार ब्रांच नाम से वेबसाइट भी बनाई गई।
ऐसे खुला राज
पुलिस के अनुसार एसबीआई के एक कस्टमर ने नई शाखा देखी तो उसने पुरानी ब्रांच में इस बारे में बात की। उस बैंक के ब्रांच मैनेजर ने अपने जोनल हेड से नई ब्रांच खुलने के बारे में पता किया। जोनल हेड ने बताया कि पनरूटी में तो एसबीआई की कोई नई ब्रांच नहीं खुल रही। मैनेजर की शिकायत के बाद एसबीआई के अधिकारी नई ब्रांच के दफ्तर में गए। वहां दफ्तर को देखकर हैरान रह गए। क्योंकि वहां सब कुछ ऑरिजनल बैंक जैसा ही था। यह सब देखकर पुलिस में शिकायत की गई।
चूना लगाना नहीं, बैंक खोलना था मकसद
इस फर्जी ब्रांच से अभी तक पैसा का कोई लेनदेन नहीं हुआ था। ऐसे में किसी के भी पैसे नहीं डूबे। पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने लॉकडाउन के दौरान ब्रांच खोली। उन्हें लगा कि इस दौरान किसी को पता नहीं चलेगा। पूछताछ में कमल बाबू ने बताया कि उसका मकसद लोगों को चूना लगाना नहीं था। वह तो खुद का बैंक खोलना चाहता था। इसलिए उसने यह कदम उठाया।