सीबीआई द्वारा बुधवार देर रात आईएनएक्स मीडिया घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी.चिदंबरम की गिरफ्तारी को डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने गुरुवार को राजनीतिक प्रतिशोध और बदले की भावना बताया है।
भाजपा ने कहा नाटक के बाद हुई गिरफ्तारी
चेन्नई. सीबीआई द्वारा बुधवार देर रात आईएनएक्स मीडिया घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में कांग्रेस नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री पी.चिदंबरम की गिरफ्तारी को डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने गुरुवार को राजनीतिक प्रतिशोध और बदले की भावना बताया है।
पार्टी मुख्यालय के बाहर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा मामले की अग्रिम याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के बाद भी चिदंबरम के दिल्ली आवास में सीबीआई अधिकारियों ने दीवार फांद कर उनको गिरफ्तार कर लिया, जो पूरी तरह निंदनीय है। सीबीआई अधिकारियों का इस हद तक जाना देश के लिए शर्म की बात है।
उन्होंने कहा चिदंबरम सीबीआई और ईडी द्वारा नोटिस जारी होने के बाद पहले कई बार अधिकारियों के समक्ष पेश हुए थे, तो ऐसे में उनके आवास की दीवार फांदने की क्या जरूरत थी? साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने वाले अनुच्छेद ३७० को हटाए जाने और नजरबंद नेताओं की रिहाई के लिए डीएमके सांसदों द्वारा दिल्ली में किए गए प्रदर्शन के लिए सभी का आभार जताया।इससे पहले सीपीएम के राज्य सचिव के. बालकृष्णन ने भी चिदंबरम की गिरफ्तारी की निंदा की।
यहां जारी एक विज्ञप्ति में उन्होंने कहा सत्ता में होने के दौरान अगर उनसे कोई गलती हुई थी तो उनके खिलाफ कार्रवाई करनी थी और ऐसा करने में कुछ गलत नहीं है, लेकिन इस तरह सीबीआई द्वारा गिरफ्तार कराना सही तरीका नहीं है। वीसीके प्रमुख तोल तिरुमावलवन ने कहा कांग्रेस को कमजोर करने के इरादे से यह गिरफ्तारी हुई है।
दीवार फांद कर गिरफ्तार कर लोकतंत्र और कानून को अपमानित किया गया है जो निंदनीय है। राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी की ओर से राज्य के मंत्री के. पांडियराजन ने कहा चिदंबरम पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री थे, उनको सम्मान दिया जाना चाहिए।
अगर उन्होंने गलत किया है तो उसके प्रति कानून को उसका काम करने देना चाहिए। भाजपा की प्रदेशाध्यक्ष तमिलइसै सौंदरराजन ने कहा कि लंबे नाटक के बाद चिदंबरम को गिरफ्तार किया गया है। सारे नाटक का कारण चिदंबरम स्वयं ही हैं। ऐसा करने के बजाय उनको कानून के तहत ईमानदारी से सीबीआई के समक्ष पेश हो जाना चाहिए था।