
तीन आवासों से मिले महत्वपूर्ण दस्तावेज
तिरुचि. सतर्कता व भ्रष्टाचार निरोधी निदेशालय (डीवीएसी) ने चेन्नई में सेवारत परिवहन विभाग के अपर आयुक्त के तिरुचि, करुर और कोयम्बत्तूर आवास पर छापेमारी की।
करुर जिले के मलैकोविलूर निवासी मुरुगानंदम (56) चेन्नई के येइलगम स्थित परिवहन विभाग में अपर आयुक्त के तौर पर सेवारत है। इनका परिवार तिरुचि के मण्णापुरम में बसा है। मुरुगानंदम के खिलाफ आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने की शिकायत तिरुचि डीवीएसी को मिली।
इस शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया तथा विशेष कोर्ट में अर्जी दाखिल कर इनके ठिकानों पर छापेमारी की अनुमति मांगी गई। कोर्ट से अनुमति के बाद डीवीएसी तिरुचि की टीम ने मण्णारपुरम स्थित उनके आवास पर शनिवार को अचानक दबिश दी। उस वक्त मुरुगानंदम की पत्नी व पुत्र घर में ही थे। इस छापेमारी में उनके हाथ सम्पत्ति और बैंक दस्तावेज लगे।
डीवीएसी ने उनके घर करीब ग्यारह घंटे पड़ताल की और परिजनों से कड़ी पूछताछ की। इसके अलावा करुर के अरवकुरिची और कोयम्बत्तूर में एक और आवास में भी छापेमारी की गई।
50 लाख की अघोषित सम्पत्ति!
छापेमारी समाप्त होने के बाद डीवीएसी अधिकारियों ने पत्रकारों को बताया कि मुरुगानंदम के खिलाफ मिली शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई। उनके तिरुचि आवास से 50 लाख की अघोषित गोल्ड ज्वेलरी, डेढ़ किलो चांदी व एक लाख नकदी मिली है। साथ ही कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी हाथ लगे हैं। इस सिलसिले में पूछताछ जारी रहेगी। डीवीएसी की टीम अपने साथ दस्तावेज लेकर गई है बाकी अन्य नकदी व माल को सील कर दिया है।
बेटे के पास 6 लाख की बाइक
इसी तरह कोयम्बत्तूर के रेसकोर्स रोड स्थित उनके फ्लैट पर जब टीम पहुंची तो वहां ताला लगा था। शाम को उनके बेटे के लौटने के बाद ८ बजे तक जांच चली। इसके बाद पुलिस टीम दस्तावेज जब्त कर साथ ले गई। इस बारे में चेन्नई में आला अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। उनके बेटे की महंगी बाइक को भी मुरुगानंदम की सम्पत्ति में दिखाया गया है।
करोड़ों का घर और वाणिज्यिक परिसर
सूत्रों के अनुसार कोयम्बत्तूर में मुरुगानंदम पांच साल तक संयुक्त आयुक्त के रूप में तैनात थे। कुछ महीने पहले ही उनको अपर आयुक्त के रूप में पदोन्नति मिली थी और वे चेन्नई आ गए। कोयम्बत्तूर में रहते हुए ही उन्होंने तिरुचि में घर खरीदा था। फिर पुराने घर को जमींदोज करते हुए डेढ़ करोड़ की लागत से आलीशान बंगला बनावाया। इसके अलावा केके नगर वायरलैस रोड में कथित तौर पर २.५ करोड़ रुपए की लागत से वाणिज्यिक परिसर बनाकर किराए पर चढ़ा दिया। बताया गया है कि मुरुगानंदम ने अपने बेटे को ६ लाख रुपए की बाइक भी खरीदकर दी थी। करुर जिले में भी उनका फार्म हाउस बताया गया है। आरोप है कि एक मंत्री की सिफारिश पर ही उनको अपर आयुक्त के रूप में पदोन्नति मिली। उसकी सम्पत्तियों व मंत्री के साथ ताल्लुकात को लेकर जांच की जा रही है।