Tamil Nadu के कांचीपुरम जिले में कौओं में Bird Flu (H5N1) वायरस के मामलों की पुष्टि के बाद केंद्र सरकार ने सतर्कता बढ़ाने और सुरक्षा उपायों को कड़ा करने के निर्देश जारी किए हैं। अब तक कम से कम 1,500 कौवों की मौत हो चुकी है, जिससे इलाके में चिंता का माहौल है। कांचीपुरम में […]
Tamil Nadu के कांचीपुरम जिले में कौओं में Bird Flu (H5N1) वायरस के मामलों की पुष्टि के बाद केंद्र सरकार ने सतर्कता बढ़ाने और सुरक्षा उपायों को कड़ा करने के निर्देश जारी किए हैं। अब तक कम से कम 1,500 कौवों की मौत हो चुकी है, जिससे इलाके में चिंता का माहौल है।
केंद्र सरकार ने 22 जनवरी को तमिलनाडु (Tamilnadu) राज्य सरकार को कांचीपुरम जिले में बर्ड फ्लू (Bird Flu) वायरस की पुष्टि की जानकारी दी। यह पुष्टि इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज, भोपाल में भेजे गए नमूनों की जांच के बाद हुई। केंद्र ने राज्य को बायो-सिक्योरिटी बढ़ाने, मृत पक्षियों का गहरा दफन करने और निगरानी तेज करने की सलाह दी है।
बेसेंट मेमोरियल एनिमल डिस्पेंसरी के श्रवण कृष्णन ने बताया कि अब तक कम से कम 1,500 कौवों की मौत हो चुकी है। उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से शव निपटान और रैपिड रिस्पांस टीम की आवश्यकता पर बल दिया। बर्ड फ्लू के बढ़ते मामलों के बीच पशुपालन, डेयरी और मत्स्य विभाग ने विस्तृत एडवाइजरी जारी की है, जिसमें पोल्ट्री और जंगली पक्षियों में संक्रमण की रोकथाम के लिए जरूरी दिशानिर्देश दिए गए हैं।
निदेशालय सार्वजनिक स्वास्थ्य और रोग निवारण ने आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि अगर किसी में फ्लू जैसे लक्षण, खांसी, सर्दी, बुखार या सांस लेने में परेशानी हो तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। खासकर स्लॉटरहाउस में काम करने वालों और बीमार या मृत पक्षियों को संभालने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है। किसी भी असामान्य पक्षी मृत्यु की सूचना तुरंत पशुपालन विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं।
पशुपालन विभाग ने अधिकारियों को कौओं, अन्य जंगली पक्षियों और पोल्ट्री में असामान्य बीमारी या मृत्यु के मामलों की कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं। मृत पक्षियों का पोस्टमॉर्टम फील्ड में न करने, शवों को जलाने या गहरे दफनाने के निर्देश दिए गए हैं। मुदुमलै टाइगर रिजर्व समेत सभी वन्यजीव प्रभागों को जंगली पक्षियों पर नजर रखने को कहा गया है। पोल्ट्री फार्म्स में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाने, सीमावर्ती क्षेत्रों में पोल्ट्री उत्पादों की आवाजाही सीमित करने और बाजारों व ट्रांजिट पॉइंट्स पर निगरानी बढ़ाने के लिए एडवाइजरी जारी की गई है।