छतरपुर

प्रधानमंत्री दुर्घटना बीमा का ढाई लाख चुकाएगा बड़ौदा बैंक

इस अविधि में घटना घटती है तो बैंक खातेदार के आश्रितों को 2 लाख रुपए देने के लिए बैंक बाध्य है। अगर वह बीमा की राशि नहीं चुकाता तो उसके खिलाफ उपभोक्ता फोरम में जाकर न्याय की मांग की जा सकती है। ऐसे ही एक मामले में उपभोक्ता आयोग ने मृतक के परिजनों को ढाई लाख रुपए चुकाने का आदेश बड़ौदा बैंक को दिया है।

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Jul 25, 2024
उपभोक्ता फोरम

छतरपुर. प्रधानमंत्री योजना के माध्यम से प्रत्येक खाता धारक का 20 रुपए में दो लाख रुपए का बीमा एक साल के लिए हो जाता है। यदि इस अविधि में घटना घटती है तो बैंक खातेदार के आश्रितों को 2 लाख रुपए देने के लिए बैंक बाध्य है। अगर वह बीमा की राशि नहीं चुकाता तो उसके खिलाफ उपभोक्ता फोरम में जाकर न्याय की मांग की जा सकती है। ऐसे ही एक मामले में उपभोक्ता आयोग ने मृतक के परिजनों को ढाई लाख रुपए चुकाने का आदेश बड़ौदा बैंक को दिया है।

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना


जानकारी के मुताबिक राजनगर तहसील अंतर्गत ग्राम टुरया निवासी जयपाल सिंह का बैंक ऑफ बड़ौदा की छतरपुर शाखा में खात संचालित है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 20 रुपए प्रीमियम के साथ जयपाल सिंह का 2 लाख रुपए का बीमा था। बीमा का विध 1 जून 2022 से 31 मई 2023 तक थी। 29 अप्रैल 2023 को जयपाल सिंह की सडक़ दुर्घटना में मौत हो गई। मृतक की पत्नी पूनम राजा ने 22 मई को बैंक ऑफ बड़ौदा को पति की मृत्यु होने की सूचना दी। 4-5 दिन में राशि देने का बैंक प्रबंधन द्वारा भरोसा दिया गया लेकिन बाद में आवेदन लेने से ही मना कर दिया गया। परिणामस्वरूप 3 जुलाई 2023 को अधिवक्ता राजकुमार अवस्थी के माध्यम से पीडि़त पक्ष ने उपभोक्ता आयोग की शरण ली। आयोग के समक्ष जयपाल सिंह परिवार ने समस्त दस्तावेज प्रस्तुत किए। आयोग ने बैंक ऑफ बड़ौदा के जनरल मैनेजर एवं नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को वादी बनाया। नोटिस देने के बाद भी जब बैंक ने पैसे देने से मना किया तो आयोग ने परिवाद स्वीकार करते हुए बीमाधारी के परिवार के पक्ष में फैसला सुनाया। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग के अध्यक्ष सनत कुमार कश्यप, सदस्य निशा गुप्ता और धीरज कुमार गर्ग ने मृतक के आश्रितों को 2 लाख रुपए बीमाधन, 50 हजार रुपए मानसिक प्रताडऩा, 2 हजार रुपए परिवाद शुल्क एवं 5 हजार रुपए आने-जाने व परेशान होने के बदले चुकाने के आदेश बैंक को दिए हैं। बैंक बीमाधारी के परिवार को यह राशि चुकाएगा। राशि विलंब से देने पर ब्याज भी देना पड़ेगा।

इधर, सेवा में कमी पर उपभोक्ता फोरम ने बैंक को 50 हजार रुपए हर्जाना देने का दिया आदेश


मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत होजरी स्टोर के लिए पांच लाख का ऋण देने के मामले में सेवा की कमी करने पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण फोरम की खंडपीठ ने पीएनबी बैंक प्रबंधन पर 50 हजार का हर्जाना देने का आदेश दिया है। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष सनत कुमार कश्यप ने पंजाब नेशनल बैंक के कर्मचारियों की उपभोक्ता के प्रति सेवा में कमी प्रबंधन को 5 हजार परिवाद व्यय भी अदा करने के आदेश दिए हैं।

50 हजार रुपए हर्जाना देने के आदेश

यह परिवाद पत्र शहर के प्रमेश पटवा पिता आनंद पटवा ने शाखा प्रबंधक पीएनबी जवाहर रोड स्वप्निल पाटकर (तत्कालीन फील्ड ऑफिसर), जीएम भोपाल व नई दिल्ली के खिलाफ दायर किया था। आवेदक का मामले में कहना है कि उसने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र से होजरी कपड़ों की दुकान संचालित करने के लिए 5 लाख रुपए ऋण की मांग की थी। इसके बाद भी शाखा प्रबंधक पीएनबी के द्वारा योजना के तहत सिर्फ डेढ़ लाख की राशि स्वीकृत की गई। इसके साथ डेढ़ लाख रुपए की सब्सिडी राशि राज्य शासन स्वीकृत करने के मामले को भी बैंक प्रबंधन लटकाए रखा। इसके खिलाफ परिवादी ने मामला जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग में दायर किया था। उपभोक्ता फोरम ने मामले के सूक्ष्म परिशीलन के पश्चात पीएनबी बैंक प्रबंधन को 30 दिन के अंदर दूसरी किश्त का भुगतान के आदेश दिए हैं। इसके साथ पीएनबी को आवेदक के सब्सिडी प्रदान करने के निर्देश दिए है। पीएनबी बैंक प्रबंधन की सेवा में कमी पाए जाने पर 50 हजार रुपए हर्जाना देने के आदेश दिए हैं।

Published on:
25 Jul 2024 11:20 am
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