लवकुशनगर. बारिश की वजह से मवेशी सडक़ पर झुंड बनाकर बैठ रहे है। इस वजह से सडक़ से निकलने वाले राहगीर आए दिन हादसे का शिकार हो रहे हैं। गौचर भूमि पर कब्जा और गौशालाओं का संचालन न होने से स्थिति और खराब हो रही है।
मवेशियों गोशालाओं में नहीं है ठिकाना, चरनोई जमीन पर दबंगों का कब्जा
लवकुशनगर. बारिश की वजह से मवेशी सडक़ पर झुंड बनाकर बैठ रहे है। इस वजह से सडक़ से निकलने वाले राहगीर आए दिन हादसे का शिकार हो रहे हैं। गौचर भूमि पर कब्जा और गौशालाओं का संचालन न होने से स्थिति और खराब हो रही है। गौशाला के नाम पर आने वाले पैसे से न तो गायों के भोजन की व्यवस्था की जाती है और न इनके उपचार की व्यवस्था की जाती है, जिससे ये सडक़ो पर विचरण करने के लिए मजबूर हो जाते है। गाय कचरे में पॉलिथिन-गत्ते को अपना भोजन बनाती है। जिसकी वजह से बीमार हो होकर सडक़ पर पड़ी रहती है। कई बार इनकी मौत भी हो जाती है।
कुछ दिन पहले ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सडक़ो पर आवारा घूम रहे गायों को गौशाला में रखने के लिए हर जिले के कलेक्टर को आदेश जारी किए थे लेकिन हमारे छतरपुर जिले की अधिकतर पंचायतों में आज तक इसका पालन नहीं हो पाया है। न ही आज तक गौशाला की जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। गौ रक्षा दल ने कई बार इसकी शिकायत प्रशासन से की है लेकिन इनकी भी कोई सुनवाई नहीं की गई। अभी हाल ही में राजनगर विधायक अरविंद्र पटेरिया ने 15 अगस्त के पहले सभी आवारा गायों को गौशाला में एकत्रित करने के निर्देश दिए थे। लेकिन फिर भी यह समस्या ज्यो कि त्यों बनी हुई है।