एनएचएआइ ने 526 किलोमीटर लंबा हाइवे का बनाया डीपीआर, छह घंटे में कानपुर से पहुंचेगे भोपालभविष्य में छह लेन करने के हिसाब से बनाई गई है कार्ययोजना, तीन सेक्टर में होगा निर्माण
छतरपुर। कभी सड़क मार्ग के मामले में पिछड़ा माने जाना वाला बुंदेलखंड अब समृद्धि की नई राह पर बढ़ रहा है। छतरपुर जिले में एक फोरलेन बनने के बाद अब दूसरे की तैयारी चल रही है। कबरई-सागर फोरलेन के जरिए छतरपुर व महोबा कारोबार की राजधानी कानपुर और मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल फोरलेन मार्ग से जुड़ेंगे। इस पर काम शुरू हो गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने डीपीआर तैयार कर लिया है। कई जगह जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। 526 किलोमीटर लंबे इस हाइवे को तीन साल में बनाने का लक्ष्य है।
छतरपुर से गुजरेगा भोपाल-कानपुर फोरलेन
बुंदेलखंड के झांसी, महोबा, हमीरपुर, छतरपुर, सागर नेशनल हाइवे के रूटों से भोपाल और कानपुर महानगर से सड़क मार्ग से जुड़ा हैं। अब इन दोनों महानगरों को फोरलेन सड़क से जोड़ा जा रहा है। डीपीआर कुछ इस तरह तैयार की गई है कि भविष्य में इसे छह लेन भी किया जा सके। ये फोरलेन हाइवे छतरपुर से होकर गुजरेगा। कबरई से भोपाल के बीच अलग-अलग सेक्टर में भोपाल-कानपुर हाइवे की डीपीआर तैयार की गई है। इसके लिए कई स्थान पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है।
सिक्सलेन के हिसाब से हो रही तैयारी
प्रस्तावित फोरलेन हाइवे में अंडरपास और एलीवेटेड पुलों का निर्माण 6 लेन के अनुसार होगा, ताकि भविष्य में विस्तार होने पर हाइवे को 6 लेन किया जा सके। एनएचएआइ प्रोजेक्ट ऑफिस छतरपुर की टीम ने महोबा से सागर के बीच हाइवे की प्लानिंग को अंतिम रूप दे दिया है। टीम ने सलाहकार एजेंसी यूआरएस के साथ महोबा में कई स्थानों का जायजा भी लिया।
यूपी वाले हिस्से का टेंडर जारी
प्रोजेक्ट डायरेक्टर पीएल चौधरी ने बताया कि कबरई को बाइपास के सहारे कानपुर के फोरलेन हाइवे से जोड़ा जाएगा। तीन सेक्टर में बनने वाले इस हाइवे के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं। अन्य टेंडर भी जल्द ही जारी होंगे। हाइवे को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य है।