छतरपुर

चाय के साथ सिगरेट बन रही जानलेवा आदत, बढ़ रहा लंग और हार्ट रोग का खतरा

Rising Smoking Among Youth आंकड़ों के अनुसार हर दस में से तीन व्यक्ति धूम्रपान का नशा करते हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति युवाओं में है, जहां 17 से 26 वर्ष की आयु वाले युवाओं में स्मोकिंग एक शौक के रूप में पनपी है।

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Mar 11, 2026
फोटो- सोशल मीडिया

Rising Smoking Among Youth: जिले में सिगरेट और बीड़ी का चलन इस कदर बढ़ गया है कि इसकी चपेट में करीब 25 प्रतिशत आबादी आ गई है। जिला अस्पताल में फेफड़े और गले से संबंधित रोगियों की बढ़ती संख्या के पीछे धूम्रपान एक बड़ी वजह बनकर सामने आ रहा है। आंकड़ों के अनुसार हर दस में से तीन व्यक्ति धूम्रपान का नशा करते हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति युवाओं में है, जहां 17 से 26 वर्ष की आयु वाले युवाओं में स्मोकिंग एक शौक के रूप में पनपी है। नई पीढ़ी को सिगरेट का धुआं अंदर से खोखला कर रहा है। जिला अस्पताल के विशेषज्ञों का मानना है कि युवा वर्ग में बढ़ता धूम्रपान का सेवन उन्हें असमय मौत के मुंह में ले जा रहा है।

चिकित्सकों के अनुसार, कई युवाओं द्वारा दिन की शुरुआत ही धूम्रपान से की जा रही है। चाय के साथ सिगरेट की तलब नशे की गहरी गिरफ्त का लक्षण है। एम्स की टीम द्वारा बीते वर्ष किए गए खुलासे के अनुसार, चाय के साथ सिगरेट का सेवन करने वाले लोगों में लंग कैंसर की संभावना अत्यधिक पाई गई है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के सहयोग से एम्स, नई दिल्ली के विशेषज्ञों द्वारा किए गए अध्ययन में सामने आया कि सिगरेट के शौकीन युवाओं में हृदय रोग का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। 45 वर्ष से कम उम्र के लोगों में मौत का सबसे बड़ा कारण हृदय रोग है, जिसे विशेषज्ञों ने साइलेंट हार्ट डिजीज का नाम दिया है।

जिले में बढ़ रहा धूम्रपान का ग्राफ

हाल ही में सिगरेट के दामों में डेढ़ गुना वृद्धि हुई है, इसके बावजूद लोगों में इसकी तलब कम नहीं हुई है। जिला अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार स्मोकिंग की वजह से फेफड़ों और मुंह के रोगों के मरीजों में बीते वर्षों की तुलना में 20 से 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा

इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित एक अध्ययन को आईसीएमआर की शोध परियोजना के तहत एम्स के पैथोलॉजी और फोरेंसिक मेडिसिन विभाग ने मई 2023 से अप्रेल 2024 के बीच किया। विशेषज्ञों ने 2214 पोस्टमार्टम मामलों का विश्लेषण किया, जिनमें से 180 मामले अचानक मौत के थे। अध्ययन में पाया गया कि मरने वाले युवाओं में से 57 प्रतिशत धूम्रपान करते थे, जबकि 52 प्रतिशत शराब का सेवन करते थे। यह दर्शाता है कि तंबाकू और शराब युवाओं के स्वास्थ्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुके हैं।

इनका कहना है

जिले में लंग कैंसर से जुड़े केस तो कम हैं, लेकिन लंग इन्फेक्शन के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। इसके दो मुख्य कारण सामने आते हैं। पहला प्रदूषण से डस्ट एलर्जी और दूसरा स्मोकिंग। वर्तमान में सिगरेट बीमारी का सबसे बड़ा कारण बन रही है।

डॉ. राजकुमार अवस्थी, जिला अस्पताल छतरपुर

Updated on:
12 Mar 2026 03:40 pm
Published on:
11 Mar 2026 10:45 am
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