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छतरपुर का लक्ष्य 82 हजार मीट्रिक टन: गेहूं खरीदी के लिए 67 हजार हेक्टेयर रकबा दर्ज, 31 हजार से ज्यादा किसानों ने कराया रजिस्ट्रेशन, 80 केंद्रों पर होगी गेहूं खरीदी

केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है, जिस पर मध्य प्रदेश सरकार 40 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देगी।

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खरीदी के लिए 80 उपार्जन केंद्रों को अनुमति

जिले में रबी उपार्जन वर्ष 2026 के अंतर्गत गेहूं खरीदी की प्रशासनिक मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। शासन द्वारा इस वर्ष जिले के लिए 82 हजार मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का महत्वकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। तैयारियों की समीक्षा को लेकर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला स्तर के अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

आखरी समय किसानों का उत्साह: 31 हजार से अधिक पंजीयन

जिले में गेहूं उपार्जन को लेकर किसानों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। अब तक कुल 31617 किसानों ने समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिए पंजीयन कराया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन पंजीकृत किसानों का कुल 67361 हेक्टेयर रकबा पोर्टल पर दर्ज किया गया है। पंजीयन की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद अब प्रशासन का पूरा ध्यान उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं पर केंद्रित है।

बोनस के साथ 2625 मिलेगा दाम

इस बार गेहूं खरीदी के दाम किसानों के लिए राहत की खबर लेकर आए हैं। केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य 2585 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है, जिस पर मध्य प्रदेश सरकार 40 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देगी। इस प्रकार छतरपुर के किसानों को उनके गेहूं का कुल 2625 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जाएगा।

80 उपार्जन केंद्र होंगे हाईटेक

जिले में सुचारू खरीदी के लिए 80 उपार्जन केंद्रों को अनुमति प्रदान की गई है। प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक केंद्र पर बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ तकनीकी उपकरण भी अनिवार्य होंगे।

सुविधाएं: केंद्रों पर पेयजल, बैठने के लिए टेबल-कुर्सी, छायादार व्यवस्था और शौचालय की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

तकनीकी उपकरण: कंप्यूटर, प्रिंटर, डॉगल, स्कैनर और नमी मापक यंत्रों के साथ-साथ इंटरनेट कनेक्टिविटी पर विशेष जोर दिया गया है।

प्रशिक्षण: उपार्जन कार्य में लगे ऑपरेटरों को इसी सप्ताह जिला एवं एसडीएम स्तर पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

गुणवत्ता और भंडारण पर पैनी नजर

एसीएस रश्मि अरुण शमी ने निर्देश दिए हैं कि उपार्जन केंद्रों पर नॉन-एफएक्यू (निम्न गुणवत्ता) का गेहूं किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। सर्वेयरों को इसकी बारीकी से जांच करने के लिए ट्रेंड किया जा रहा है। वर्तमान में जिले में 2.5 लाख मीट्रिक टन भंडारण क्षमता उपलब्ध है, जो लक्ष्य के मुकाबले पर्याप्त बताई जा रही है। साथ ही, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक को सभी केंद्रों के डिजिटल सिग्नेचर अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।

बारदाना की उपलब्धता का सत्यापन

जिले में वर्तमान में 374 गठान बारदाना (बोरों) की उपलब्धता बताई गई है। समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मौके पर जाकर इनका भौतिक सत्यापन करें ताकि ऐन वक्त पर बारदाने की कमी के कारण खरीदी प्रभावित न हो। बैठक के दौरान प्रभारी कलेक्टर ने गुणवत्ता संबंधी बैनरों के प्रदर्शन और ग्रेडिंग मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी कड़े निर्देश दिए हैं।