
नगरपालिका
छतरपुर. शहरवासियों के लिए नगरपालिका ने संपत्ति कर को लेकर एक बड़ी चेतावनी और स्पष्टीकरण जारी किया है। यदि आपने अपना बकाया टैक्स 31 मार्च 2026 तक जमा नहीं किया, तो 1 अप्रेल से आपको भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। नगरपालिका अब तक टैक्स बिलों में जो 50% की छिपी हुई छूट देती आ रही थी, वह पुराने बकायादारों के लिए पूरी तरह बंद होने जा रही है।
नगरपालिका प्रशासन ने साफ किया है कि वर्तमान में शहर में चल रही मुनादी को लेकर नागरिकों में भ्रम की स्थिति है। लोग समझ रहे हैं कि बिल में लिखी राशि का भी आधा जमा करना है, जबकि असलियत यह है कि आपके घर जो बिल पहुंच रहा है, उसमें नपा पहले से ही 50% की छूट काटकर राशि दर्ज करती है।
सीएमओ माधुरी शर्मा ने बताया कि वर्तमान (चालू वर्ष) के टैक्स पर तो यह छूट मिलती रहेगी, लेकिन 31 मार्च के बाद पुराने बकाया पर यह रियायत खत्म कर दी जाएगी। यानी जो टैक्स अभी कागजों में 9 करोड़ बकाया दिख रहा है, वह तकनीकी रूप से 18 करोड़ रुपए हो जाएगा।
नगरपालिका के राजस्व विभाग ने एक उदाहरण के जरिए इस गणित को समझाया है।-अभी का नियम: मान लीजिए आपका सालाना टैक्स 2000 रुपए (50% छूट के साथ) है। 10 साल का कुल बकाया अभी 20,000 रुपए जमा करना होगा।- 1 अप्रेल के बाद: पिछले 9 वर्षों की छूट खत्म हो जाएगी और प्रति वर्ष का टैक्स 4000 रुपए माना जाएगा। इस तरह 9 साल का 36000 और चालू वर्ष का 2000 मिलाकर कुल 38000 रुपए देना होगा।भारी जुर्माने और जब्ती से बचने की अपीलनगरपालिका ने स्पष्ट किया है कि कोई नई छूट नहीं आई है, बल्कि पुरानी मिल रही राहत को बकायादारों के लिए बंद किया जा रहा है। भारी जुर्माने और डबल टैक्स के बोझ से बचने के लिए नागरिकों को 31 मार्च से पहले अपना सारा बकाया टैक्स जमा करने की सलाह दी गई है। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ आने वाले समय में कुर्की और जब्ती जैसी सख्त कार्यवाही भी की जा सकती है।
Published on:
12 Mar 2026 11:00 am
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