- 1.26 करोड़ का हेरिटेज प्रोजेक्ट चढ़ा भ्रष्टाचार की भेंट- भ्रष्टाचार की दरारें छिपाने के लिए पुटीन से की जा रही लिपाई-पुताई
छतरपुर/खजुराहो। पर्यटन नगरी खजुराहो में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जो निर्माण कार्य किए जा रहे हैं और सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रहे हैं। ताजा मामला शिल्पग्राम खजुराहो के भूखंड पर बन रहे थीम पार्क का है। यहां मप्र पर्यटन विभाग द्वारा 1.२६ करोड़ रुपए की लागत से बुंदेलखंड थीम पार्क का निर्माण कार्य कराया गया है। यह निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। फिनिसिंग के पहले ही भवन की दीवारों से बड़ी-बड़ी दरारें निकल आने से इस पूरे निर्माण पर सवाल खड़े हो गए हैं। परिसर में बन रहे मंच पर चटकी हुई टाइल्स लगाईं जा रही हैं। इस पूरे मामले से एमपी टूरिज्म के अफसरों को अवगत कराए जाने के बाद भी उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया है। नतीजतन पूरा निर्माण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। उधर भ्रष्टाचार की दरारों को भरने के लिए पुटीन का उपयोग किया जा रहा है। खजुराहो के लोगों ने इस पूरे निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराकर निर्माण एजेंसी से लेकर ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज कराने की मांग की है। उधर एमपी टूरिज्म इस घटिया निर्माण को तोड़कर अलग करवाने की जगह पूरे मामले की लीपा-पोती में लगा है।
नवनिर्मित भवन में अभी से पड़ीं दरारें :
दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र नागपुर द्वारा संचालित शिल्पग्राम परियोजना परिसर में मध्यप्रदेश पर्यटन विकास विभाग द्वारा 1 करोड़ 26 लाख के "हेरिटेज प्रोजेक्ट"के तहत बुन्देलखंड थीम पार्क पर आधारित बुंदेलखंड फूड जोन भवन तथा एंट्रेंस प्लाजा बिल्डिंग का निर्माण कराया गया है। बुंदेलखंड फ़ू ड जोन भवन में 6 किचन तथा एक छोटा रेस्टोरेंट बनाया गया है। इन निर्माण कार्यों में जगह-जगह दरारें निकल आई हैं। वहीं निर्माण में ईटों से लेकर सीमेंट जैसी सामग्री भी गुणवत्ताहीन लगाई गई है। चटके टाइल्स मंच पर लगाए जा रहे हैं। बीच में विरोध हुआ तो चटकी टाइल्स हटा दी गई, लेकिन इंट्रेंस प्लाजा के निर्माण में जिन ईटों और मसाले का उपयोग किया गया है वह स्पेशिफिकेशन के अनुसार नहीं थे।
इस कार्य को देखने वाले विभाग के उपयंत्री विवेक चौबे के अनुसार जून माह में यह प्रोजेक्ट शिल्पग्राम परियोजना को हैंडओवर किया जाना था, लेकिन उक्त प्रोजेक्ट का अभी भी कार्य चल रहा है। उक्त बिल्डिंग में अभी से ही दीवारों में दरारें पड़ गई हैं और कई जगह पानी भी टपकता है जो आगे जाकर खतरा बन सकता है। इस निर्माण कायज़् की तकनीकी व्यवस्था तथा निर्माण सामग्री की गुणवत्ता देखने के लिए मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग खजुराहो के सहायक यंत्री तथा उपयंत्री की जिम्मेवारी थी। सूत्रों की मानें तो इन जिम्मेदारों की ही मिलीभगत से निर्माण एजेंसी ने घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग कराया है। ये अधिकारी जानबूझकर साइड पर कभी कभार ही जाते हैं। यही कारण है कि निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार की दरारें और परतें निकलने लगी हैं।
घटिया निर्माण के खिलाफ बार-बार लिखा गया, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया :
शिल्पग्राम खजुराहो ने हैरिटेज प्रोजेक्ट के लिए अपनी जमीन एमपी टूरिज्म को दी थी। जब निर्माण कार्य शुरू हुआ और उसकी गुणवत्ता पर लोगों को संदेह हुआ तो कई पत्र एमपी टूरिज्म को लिखे गए। लेकिन ठेकेदार और इंजीनियरों के बीच मजबूत पकड़ होने के कारण इस ओर किसी भी अफसर ने ध्यान नहीं दिया। थीम पार्क का काम फिनिसिंग की ओर पहुंचा तब जाकर घटिया निर्माण की पोल खुलकर बाहर आने लगी। अब सभी जिम्मेदार इससे पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।
जिम्मेदारों ने झाड़ा पल्ला :
- इस संबंध में उपयंत्री विवेक चौबे से ही बात करें या फिर ईई से पूछें। मैं इस बारे में क्या बता सकता हूँ।
-एमपी शर्मा, सहायक यंत्री म.प्र.पर्यटन विभाग खजुराहो
बुंदेलखंड थीम पार्क के तहत निर्माण कार्य जारी है। दो काम जून माह में पूरा करने थे, लेकिन जीएसटी व अन्य तकनीकि दिक्कतों के कारण काम समय पर पूरा नहीं हो पाए। थीम पार्क की दीवारों में दरारें पडऩे की जानकारी नहीं थी। पता चलते ही इस बारे में पड़ताल की गई है। खराब टाइल्स भी निकलवा दिए गए हैं। निर्माण कार्य फाइनल स्टेज पर है। काम पूरा होने के बाद उसे हैंडओवर किया जाएगा।
- विवके चौबे, सब इंजीनियर, एमपी टूरिज्म