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खबर का असर- चंदला में जीआरटीसी कंपनी की मनमानी पर फिर बैठी जांच, मुरम चोरी का केस दर्ज होने के बाद अब माइनिंग डिप्टी डायरेक्टर ने गठित की विशेष टीम

पत्रिका में खबर प्रमुखता से आने के बाद माइनिंग विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ने मामले की गहराई से पड़ताल के लिए एक नई जांच टीम का गठन कर दिया है।

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illegal mining

अवैध माइनिंग

चंदला क्षेत्र में सडक़ निर्माण के नाम पर प्राकृतिक संपदा की लूट मचाने वाली जबलपुर की जीआरटीसी (गौर रोड टार कोट प्राइवेट लिमिटेड) कंपनी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पूर्व में 2439 घन मीटर मुरम के अवैध उत्खनन पर केस दर्ज होने और 36.58 लाख रुपए का जुर्माना प्रस्तावित होने के बाद, अब विभाग ने इस मामले में एक और कड़ी कार्रवाई की है। पत्रिका में खबर प्रमुखता से आने के बाद माइनिंग विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ने मामले की गहराई से पड़ताल के लिए एक नई जांच टीम का गठन कर दिया है।

एक सप्ताह में मांगी गई रिपोर्ट, कार्रवाई का प्रतिवेदन तलब

माइनिंग के डिप्टी डायरेक्टर अमित मिश्रा ने खनिज निरीक्षक को सख्त निर्देश देते हुए एक सप्ताह के भीतर जांच पूर्ण कर कार्रवाई का प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए टीम को निर्देशित किया है। हालांकि, प्रभारी खनिज अधिकारी द्वारा पूर्व में ही जांच कर कंपनी के खिलाफ नियम 18 (2) के तहत प्रकरण दर्ज किया चुका है और मामला कलेक्टर न्यायालय में विचाराधीन है। लेकिन स्थानीय शिकायतों और अवैध उत्खनन की भयावहता को देखते हुए अब यह नई जांच टीम यह सुनिश्चित करेगी कि स्वीकृत क्षेत्र के बाहर और कहां-कहां खुदाई की गई है।

अब तक का घटनाक्रम: प्रशासन के घेरे में कंपनी

अवैध उत्खनन का खुलासा: बछौन से चंद्रपुरा मार्ग के निर्माण के दौरान कंपनी ने बिना अनुमति के 2439 घन मीटर मुरम का अवैध उत्खनन किया?भारी जुर्माना: माइनिंग टीम ने 36.58 लाख रुपए की क्षति का आंकलन किया है, जिसे कलेक्टर न्यायालय में पेश किया गया है? जवाब संतोषजनक न होने पर यह राशि 73.17 लाख रुपए तक जा सकती है?किसानों का नुकसान: मुकुंदपुर तिगैला और रानीपुर पंचायत में अवैध खनन और धूल के गुबार से किसानों की सब्जियां और फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं?

पर्यावरण मंत्री का क्षेत्र

यह कार्रवाई इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह क्षेत्र प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री दिलीप अहिरवार का है, जहां विकास के नाम पर पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

दबंगई से किया गया खनन, तालाबों के पास गहरे गड्ढे

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि कंपनी ने दबंगई दिखाते हुए मुकुंदपुर तिगैला के तालाब के पास और किसानों की निजी जमीनों पर बड़े-बड़े गड्ढे कर दिए हैं। उत्खनन के कारण उड़ती धूल ने न केवल खेती को प्रभावित किया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में प्रदूषण की स्थिति पैदा कर दी है।

डिप्टी डायरेक्टर अमित मिश्रा ने साफ तौर पर कहा है कि यदि नई जांच में अस्वीकृत क्षेत्रों में और भी अवैध उत्खनन पाया जाता है, तो कंपनी के खिलाफ प्रकरणों की संख्या बढ़ाई जाएगी और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस नई जांच से उन अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं जिन्होंने पूर्व में इस बड़े खेल की अनदेखी की थी।

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