
Chhatarpur Land Dispute: मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के बमीठा थाना अंतर्गत मौजा पीरा से दबंगई और भूमि पर अवैध कब्जे का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने क्षेत्र में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां अपनी पैतृक कृषि भूमि पर खून-पसीना बहाकर पेट पालने वाले अत्यंत गरीब और असहाय 15 दलित परिवारों की जमीन छीनने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित परिवार ने छतरपुर पुलिस अधीक्षक ऑफिस में लिखित आवेदन सौंपते हुए न्याय और अपने जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया का करीबी मुकेश पांडेय उनकी जमीन पर कब्जा करना चाहता है।
पीड़ित दुर्गा प्रसाद अहिरवार ने पत्रिका को फोन पर बताया कि जमीन उनके परिवार की पैतृक है। उन्होंने बताया कमोदा अहिरवार, अच्चे लाल अहिरवार, गुलजारी अहिरवार, गनुआ अहिरवार, सुरेश अहिरवार समेत एक ही वंश के 15 परिवारों की पैतृक जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया के करीबी ग्राम मजोटा (थाना बमीठा) का रहने वाला रोजगार सहायक मुकेश पाण्डेय एक दबंग प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जो उनकी पुश्तैनी जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहा है।
पीडि़तों का आरोप है कि मुकेश पाण्डेय ने बमारी गांव के संजू राजा, सीताराम पाल और अस्तु खंगार समेत अन्य लोगो को साथ लिया और हाथों में हथियार लेकर दलित परिवार के खेतों पर धावा बोल दिया। उनकी मर्जी के खिलाफ जबरन जेसीबी मशीन लगाकर जमीन पर गहरी नाली खुदवा दी, ताकि पूरी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा जमाया जा सके।
पीड़ितों ने एसपी को लिखित शिकायत में गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि जब उन्होंने अपनी पैतृक जमीन पर चल रही इस अवैध खुदाई का विरोध करने का साहस जुटाया, तो दबंग मुकेश पाण्डेय और उसके साथियों ने उन्हें सीधे तौर पर धमकाया। मुकेश पाण्डेय ने पीड़ितों को चुनौती देते हुए कहा, हमने यह जमीन सतीश कुमार द्विवेदी से खरीद ली है। तुम्हें जहां जाना है जाओ और जिसे सुनाना है सुनाओ, हम तो जमीन पर कब्जा करके ही रहेंगे। उन्होंने दस दिन बाद फिर आने की धमकी भी दी है। पीड़ितों का आरोप है सतीश कुमार की जमीन दूसरी है, जो राजस्व रिकॉर्ड में आज भी उनके नाम है, लेकिन मुकेश पांडेय दूसरे की जमीन के बहाने से दलित परिवारों की जमीन पर कब्जा पर करने का प्रयास कर रहा है।
पीड़ितों का सीधा आरोप है कि मुकेश पाण्डेय ने स्थानीय पटवारी और राजस्व निरीक्षक को अपने प्रभाव में ले रखा है और उनकी सांठगांठ से बिना किसी कानूनी नोटिस या सूचना के पीड़ितों की भूमि पर नाली खुदवा दी है। पांडेय ने पीड़ितों से सतीश की जमीन खरीदने की बात कही है लेकिन न राजस्व रिकॉर्ड में उनका नाम है, न जमीन का सीमांकन कराया गया है। दलित परिवार की 12 एकड़ जमीन में से 8 एकड़ पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
दलित परिवार ने बताया कि वे समाज के अत्यंत पिछड़े और गरीब लोग हैं, जो दिनभर मजदूरी करके और इस पैतृक भूमि पर खेती करके अपने बच्चों का पेट पालते हैं। अगर उनकी इस एकमात्र जमीन को छीन लिया गया, तो उनका पूरा परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएगा। पीड़ितों ने बताया कि विरोध करने पर मुकेश पाण्डेय और उसके साथियों द्वारा लगातार धमकियां दी जा रही हैं, जिससे पूरा परिवार खौफ के साए में जीने को मजबूर है। पीड़ितों ने एसपी कार्यालय में गुहार लगाते हुए मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच वरिष्ठ अधिकारियों के माध्यम से निष्पक्षता से कराई जाए, जमीन पर खोदी गई अवैध नाली को बंद कराया जाए और मुख्य आरोपी मुकेश पाण्डेय सहित उसके सभी साथियों पर तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए।