छतरपुर. बड़ामलहरा कृषि उपज मंडी की किसान कैंटीन पर वर्षों से सेवा सहकारी समिति सेंधपा का कब्जा है। विभाग के अधिकारी इस मामले से बेखबर हैं। लापरवाही से यह कैंटीन कागजों में चल रही है।
कैंटीन पर अवैध कब्जा, अधिकारी बेखबर
छतरपुर. बड़ामलहरा कृषि उपज मंडी की किसान कैंटीन पर वर्षों से सेवा सहकारी समिति सेंधपा का कब्जा है। विभाग के अधिकारी इस मामले से बेखबर हैं। लापरवाही से यह कैंटीन कागजों में चल रही है।
कृषि उपज मंडी में किसानों व हम्मालों को 5 रुपए थाली में भोजन व चाय नाश्ता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने प्रदेश की मंडियों में जलपानगृह खोले हैं। परंतु कृषि उपज मंडी समिति बड़ामलहरा के किसान जलपानगृह पर वर्ष 2016-17 से सेवा सहकारी समिति सेंधपा का कब्जा है जिससे किसान इस सुविधा से वंचित हैं। समिति प्रबंधक यहां गेहूं उपार्जन केंद्र बनाए हैं। बताया जाता है कि, सेवा सहकारी समिति का जलपानगृह पर अवैध कब्जा है। कृषि उपज मंडी के पास किरायानामा या कब्जा देने संबंधी कोई वैधानिक दस्तावेज नहीं है और विभाग द्वारा कब्जा हटवाने संबंधी आजतक कोई कार्रवाई प्रस्तावित की गई। ऐसे में विभागीय अधिकारी की कार्यशैली संदेहास्पद मानी जा रही है। इधर मंडी के अधिकारी- कर्मचारियों की जुगलबंदी से किसानों की खुराक पर डाका डाला जा रहा है। वर्षों से किसान कैंटीन कागजों में संचालित की जा रही है। किसानों को 5 रुपए थाली में भोजन व जलपान देने के नाम पर शासन को चूना लगाया जा रहा है जो जांच का विषय है।
इनका कहना है
कृषि उपज मंडी की किसान कैंटीन पर कब्जा है इसकी मुझे जानकारी नहीं है। जानकारी लेकर संबंधित कब्जाधारी को नोटिस जारी किया जाएगा।
गोविंद सिंह गौंड़, सचिव कृषि उपज मंडी बड़ामलहरा