छतरपुर

बनना थे चार ब्लॉक बनाए दो,इलेक्ट्रोनिक्स व इलेक्ट्रिकल्स का संचालन मुश्किल

शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज नौगांव के भवन निर्माण में लापरवाही

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Chhatarpur

नौगांव। शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज नौगांव के भवन निर्माण में लापरवाही के चलते इसी सत्र से चारों ब्रांचों का संचालन मुश्किल नजर आ रहा है। हालात यह हैं कि अभी तक दो ही ब्लॉकों का निर्माण कराया गया है। ऐसे में सिर्फ दो ही ब्रांचों का संचालन हो सकेगा। जिससे इस सत्र से इलेक्ट्रोनिक्स व इलेक्ट्रिकल्स ब्रांचों का संचालन हो पाना मुश्किल दिखाई दे रहा है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को मिलने वाली सौगात अधूरी है। निर्माण एजेंसी पीआईयू की लापरवाही का खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। उम्मीद थी कि इसी सत्र से सभी ब्रांचों का संचालन शुरू हो सकेगा। बावजूद इसके निर्माण कार्य में पीआईयू की मानमानी जारी है।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा वर्ष 2012-13 में नगर को बड़ी सौगात के रूप में इंजीनियरिंग कॉलेज की घोषणा की थी। जिसमें सिविल, मेकेनिकल, इलेट्रोनिक्स, इलेक्ट्रिकल समेत चार ब्रांचे संचालित होनी थी। जिसकी बिल्डिंग के लिए नवोदय विद्यालय के पीछे लगभग 32 एकड़ शासकीय जमीन आवंटित की गई थी। साथ ही तत्काल प्रभाव से पॉलिटेक्निक की कुछ हिस्से की बिल्डिंग की मरम्मत कराकर वर्ष 2013 में मुख्यमंत्री द्वारा उद्घाटन कर इंजीनियरिंग कॉलेज की शुरुआत की गई थी। जिसमें सिविल और मैकेनिकल की दो ब्रांचे संचालित की गई और कहा गया था कि शेष दो ब्रांचे इलेट्रोनिक्स,इलेक्ट्रिकल्स की ब्रांचे नवीन बिल्डिंग में कॉलेज शिफ्ट होते ही चालू कर दी जाएंगी। जबकि कॉलेज सूत्रों की माने तो आने वाले अगस्त माह में नवीन बिल्डिंग में कॉलेज शुरू की सम्भावना है लेकिन नवीन बिल्डिंग तैयार होने के बाद भी छात्र छात्राओं को इन दो ब्रांचो का लाभ मिलना मुश्किल है। दो ब्रांचों में आठ क्लास लगाकर लगभग 525 छात्र छात्राए अध्यन करेंगे। जबकि दो ब्रांचे यदि और चालू होती हैं तो इससे दो गुना छात्र छात्राए अध्यन कर सकेंगे
यह बनकर तैयार हुई नवीन बिल्डिंग
पीआईओ विभाग द्वारा लगभग ढाई करोड़ की लगत से नवीन बिल्डिंग में दो ब्लॉक, एक गेराज, एक कोमन गल्र्स एवं बॉयज होस्टल के अलावा तृतीय एवं चतुर्थश्रेणी क्लास के कर्मियों के लिए क्र्वाटर बनाकर तैयार किए गए।
इनकी है आवश्यकता
सुरक्षा की दृष्टि से कॉलेज के चारों और बाऊंड्री बाल, 5 एफ टाइप क्र्वाटर दो ब्लॉक, एक छात्रावास, एक आडोटोरियम हॉल एवं प्रशासनिक ब्लॉक की आवश्यकता है। इनकी व्यवस्था नहीं होती है तो कॉलेज प्रबंधन सहित छात्र छात्राओं को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं कॉलेज सूत्रों की माने तो कॉलेज की बिल्डिंग के लिए जो ड्राइंग तैयार की गई थी उसमे यह सब शामिल है और इसके प्रपोजल के लिए उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा पी आई ओ विभाग को कई बार लिखित आवेदन भेजा गया लेकिन पीआईओ विभाग की लापरवाही के चलते आज तक शिक्षा विभाग को कोई भी प्रपोजल नहीं भेजा गया।
इनका कहना
इसी सत्र से नई बिल्डिंग में शिक्षण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा बिल्डिंग में जो भी कमियां रह गई हैं उनका प्रपोजल पीआईयू विभाग से कई बार मांगा जा चुका है लेकिन अभी तक कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। चार ब्रांचों के लिए चार ब्लॉक बनना चाहिए लेकिन दो ब्रांचों को दो ब्लॉक बनाए गए हैं यदि चार ब्लॉक बनने तो चारों ब्रांचे शुरू हो जाती हैं। इसमें पीआईयू द्वारा लापरवाही की जा रही है।

Published on:
15 Jul 2018 12:43 pm
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