स्त्री रोग कैंसर जागरूकता माह के तहत सौंरा गांव में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्त्री रोगों और कैंसर के प्रति जागरूक करना था, खासकर गर्भाशय और स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के बारे में जानकारी देना।
छतरपुर. स्त्री रोग कैंसर जागरूकता माह के तहत सौंरा गांव में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्त्री रोगों और कैंसर के प्रति जागरूक करना था, खासकर गर्भाशय और स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के बारे में जानकारी देना।
शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टर डॉ. श्वेता गर्ग ने सौंंरा गांव में महिलाओं की निशुल्क जांच की और उन्हें प्रारंभिक लक्षणों, बचाव के तरीकों और नियमित जांच के महत्व के बारे में बताया गया। शिविर के दौरान महिलाओं को यह भी सिखाया गया कि कैंसर की पहचान कैसे की जा सकती है और इसके इलाज में देरी क्यों खतरनाक साबित हो सकती है। स्वास्थ्य शिविर में महिलाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, और जागरूकता सत्र के दौरान डॉक्टरों ने कैंसर से संबंधित मिथकों को दूर करने पर भी जोर दिया। साथ ही, स्वस्थ जीवनशैली, उचित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। निशुल्क शिविर में 140 महिलाओं की एवं 200 ग्रामवासियों की हीमोग्लोबिन की जांच की गई ।
डॉ. श्वेता गर्ग का कहना है कि वे गांवों में लगातार शिविर लगा रही है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समय रहते स्त्री रोगों और कैंसर का इलाज सुनिश्चित करना है। शिविर में महिलाओं को मुफ्त जांच के अलावा आवश्यक परामर्श और स्वास्थ्य संबंधी सुझाव भी दिए गए, जिससे उन्हें इस गंभीर बीमारी के प्रति सतर्क रहने में मदद मिले। पैप स्मीयर की जांच और ह्यूमन पैपीलोमा वायरस टीकाकरण के बारे में भी ग्रामीणों को जानकारी देकर जागरुक किया गया।
उन्होंने बताया कि स्त्री रोग संबंधी कैंसर वे होते है जो महिला के प्रजनन पथ में विकसित होते हैं। गर्भाशय ग्रीवा कैंसर स्त्री रोग संबंधी कैंसर का सिर्फ एक प्रकार है। इसके अलावा ओवरी कैंसर, यूटरस कैंसर, वैजिनल कैंसर, वल्वा कैंसर और सर्वाइकल कैंसरभी होते हैं। इनमें से प्रत्येक कैंसर के लिए अलग अलग जोखिम कारक हैं,जिनमे कुछ मामलों में आनुवांशिकता भी शामिल है । महिलाओं के लिए स्त्री रोग संबंधी कैंसर के प्रकारों ,लक्षणों और संभावित चेतावनी संकेतों के बारे में और स्क्रीनिंग व रोकथाम के बारे में भी जागरुक होना जरूरी है।