16 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महाशिवरात्रि पर जटाशंकर में उमड़ा जन सैलाब, आस्था के महापर्व में भोले बाबा के बाराती बने साधू-संत

बड़े महादेव के समीप मंच पर भक्ति नृत्य की प्रस्तुति हुई, उसके बाद मंदिर में जलाभिषेक और दूल्हा रूप में भगवान श्री जटाशंकर का श्रृंगार किया गया।

2 min read
Google source verification
jatashankar

जटाशंकर धाम

वैदिक मंत्रों के साथ हुआ शिव-पार्वती का विवाह

बुंदेलखंड के केदारनाथ कहे जाने वाले श्री जटाशंकर धाम में 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया गया। श्री जटाशंकर धाम महोत्सव के रूप में मनाने के लिए व्यापक तैयारियां की गई थीं। इस दिन आस्था का जनसैलाब देखने को मिला। शिव और पार्वती के विवाह महोत्सव में जटाशंकर धाम प्रबंधन ने पूरे शिव धाम को आकर्षक तरीके से सजाया। वसंत पंचमी के दिन माता पार्वती की लग्न पत्रिका वैदिक मंत्रों के साथ लिखी गई थी और अब 13 फरवरी को मंडप की रस्म और 14 फरवरी को मायना की रस्म पूरी की। श्रद्धालुओं के लिए बरा पाक प्रसादी और विशेष बुंदेली व्यंजन भी उपलब्ध कराए गए।

चांदा के स्कूल के पास से बारात

ट्रस्ट ने बताया कि रविवार दोपहर लगभग 1 बजे, ग्राम चांदा के स्कूल के पास से बारात का आयोजन हुआ। बग्घी पर साधु संत और भगवान के स्वरूप विराजमान हुए। सनातन धर्म की ध्वज पताका लेकर आधा दर्जन श्रद्धालु घोड़े पर सवार हुए। बारात में भक्ति नृत्य की प्रस्तुति दी गई। बारात के शिव धाम पहुंचने के बाद, बड़े महादेव के समीप मंच पर भक्ति नृत्य की प्रस्तुति हुई, उसके बाद मंदिर में जलाभिषेक और दूल्हा रूप में भगवान श्री जटाशंकर का श्रृंगार किया गया। विवाह रस्मों के साथ पांव पखराई की रस्म भी मंदिर में संपन्न की गई पूजन और आरती के बाद अखंड ज्योति और गंगा आरती हुई।

रंगारंग कार्यक्रम ने बांधे रखा

बारात के लिए विशेष तैयारियां की गई , जिसमें कई आकर्षक झांकियां शामिल हुई। इटावा का एएस म्यूजिकल ग्रुप, राजेश ढोल पार्टी और धमाल बैंड अपनी प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में चार-चांद लगा दिए। पारंपरिक बुंदेली नृत्य जैसे दलदल घोड़ी और सपेरा नृत्य भी आकर्षण का केंद्र रहा। बारात के बाद शाम को सांस्कृतिक मंचीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ इसमें पन्ना के परशुराम अवस्थी, लोक भजन गायक राहुल लोधी और प्रतिष्ठा परमार, तथा बुंदेली लोक कलाकार रोशन पटेल अपनी प्रस्तुतियां दीं।