मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, छतरपुर सहित दतिया, भिंड, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों के लिए रेड अलर्ट (तीव्र ऊष्म लहर की चेतावनी) जारी किया गया है।
बुंदेलखंड में नौतपा की शुरुआत से पहले ही सूर्य देव ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। समूचा छतरपुर जिला इस समय भीषण गर्मी और आग उगलती तीव्र ऊष्म लहर की चपेट में है। अंतरराष्ट्रीय पर्यटन नगरी खजुराहो और नौगांव में तापमान ने पिछले कई रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, छतरपुर सहित दतिया, भिंड, पन्ना, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों के लिए रेड अलर्ट (तीव्र ऊष्म लहर की चेतावनी) जारी किया गया है। दोपहर होते ही सड़कें सूनी हो रही हैं और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, खजुराहो में गर्मी ने 8 साल पुराना खौफनाक रिकॉर्ड दोबारा जिंदा कर दिया है। आज से 8 साल पहले, यानी साल 2018 में खजुराहो का पारा 48.6°C के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था, जिसने पिछले 30 सालों का रिकॉर्ड तोड़कर एक नया इतिहास रच दिया था। उस भीषण दौर के बाद, अब एक बार फिर पारा 47°C के आंकड़े को पार कर चुका है। इस अप्रत्याशित बढ़ोतरी ने बुंदेलखंड के लोगों को दहला दिया है, क्योंकि नौतपा शुरू होने से पहले ही परिस्थितियां 2018 की ऐतिहासिक गर्मी जैसी बनने लगी हैं।
पर्यटन नगरी खजुराहो इस समय प्रदेश के सबसे गर्म इलाकों में शुमार हो गई है। यहां अधिकतम तापमान 47.4 डिग्री दर्ज किया गया है, जो सामान्य से कहीं अधिक है। दिन में सूरज की किरणें सीधे बदन को झुलसा रही हैं। राहत की बात रात में भी नहीं मिल रही है, क्योंकि न्यूनतम तापमान भी 29डिग्री पर टिक गया है, जिससे रातें भी बेहद बेचैन करने वाली और गर्म हो गई हैं। इसके साथ ही 10 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही पछुआ गर्म हवाओं (लू) ने आग में घी डालने का काम किया है।
छतरपुर जिले के ही नौगांव कस्बे में भी हालात खजुराहो जैसे ही बने हुए हैं। नौगांव में अधिकतम तापमान 46.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 27.5 डिग्री दर्ज हुआ। सुबह 10 बजते ही आसमान से आग बरसने लगती है और दोपहर होते-होते गर्म थपेड़ों के कारण राहगीरों का सड़कों पर निकलना दूभर हो गया है। व्यापारिक गतिविधियों पर भी इसका सीधा असर देखा जा रहा है, दोपहर के वक्त बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है।
मौसम विभाग के चार्ट और बुलेटिन के अनुसार, उत्तर प्रदेश के उत्तरी भागों के मध्य क्षेत्र के ऊपर और पंजाब के ऊपर चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। साथ ही एक ट्रफ लाइन उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ होते हुए उत्तरी तेलंगाना तक विस्तृत है। इन सिस्टमों के कारण मैदानी इलाकों से आने वाली शुष्क और बेहद गर्म हवाएं सीधे बुंदेलखंड के ऊपर से गुजर रही हैं, जिससे तापमान में यह अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखी जा रही है। हालांकि, दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा आगे बढ़ रही है और इसके 26 मई के आसपास केरल में दस्तक देने की संभावना है, लेकिन तब तक मध्य प्रदेश के इन जिलों को झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
भीषण लू और रेड अलर्ट को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों ने नागरिकों के लिए गाइडलाइन जारी की है।
दोपहर में निकलने से बचें: दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच जब तक कोई बेहद जरूरी काम न हो, घरों से बाहर न निकलें।
हाइड्रेटेड रहें: बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ रखें। नींबू पानी, छाछ, लस्सी और ओआरएस के घोल का लगातार सेवन करते रहें।
सूती कपड़ों का प्रयोग: शरीर को पूरी तरह ढकने वाले हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को स्कार्फ, टोपी या तौलिए से ढककर ही बाहर नेत्रों की सुरक्षा के साथ निकलें।