पहले पैकेज में ढोडऩ बांध से धसान नदी तक 100 किलोमीटर लंबी नहर तैयार की जाएगी। इस प्रथम चरण के लिए 4000 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया गया है। इसके बाद दूसरे पैकेज में धसान नदी से लेकर बेतवा नदी तक नहर का विस्तार किया जाएगा।
बुंदेलखंड की महत्वाकांक्षी केन-बेतवा लिंक परियोजना अब अपने दूसरे महत्वपूर्ण चरण की ओर कदम बढ़ा चुकी है। बांध के निर्माण के साथ ही अब नहरों का जाल बिछाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। केन-बेतवा लिंक परियोजना प्राधिकरण ने लिंक नहर के प्रथम पैकेज का विस्तृत प्रोजेक्ट प्रतिवेदन मंजूरी के लिए भेज दिया है। इस पूरी नहर की कुल लंबाई 219 किलोमीटर होगी, जिसके निर्माण के लिए 100 मीटर की विशाल चौड़ाई में भूमि का अधिग्रहण किया जाना तय किया गया है।
परियोजना के अधिकारियों के अनुसार, नहर का निर्माण दो हिस्सों (पैकेज) में किया जाएगा। पहले पैकेज में ढोडऩ बांध से धसान नदी तक 100 किलोमीटर लंबी नहर तैयार की जाएगी। इस प्रथम चरण के लिए 4000 करोड़ रुपए का बजट प्रस्तावित किया गया है। इसके बाद दूसरे पैकेज में धसान नदी से लेकर बेतवा नदी तक नहर का विस्तार किया जाएगा। पूरी परियोजना में छतरपुर जिले की भूमिका सबसे अहम है, क्योंकि कुल 219 किमी लंबी नहर का 107 किमी हिस्सा अकेले इसी जिले की सीमा से होकर गुजरेगा।
नहर निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अब गति पकडऩे वाली है। नहर की मुख्य संरचना और सर्विस रोड आदि के लिए कुल 100 मीटर की चौड़ाई में जमीन अधिग्रहीत की जाएगी। छतरपुर ब्लॉक के बंधीकला, ईशानगर, लहेरा से लेकर राजनगर के कोटा, बरद्वाहा और महाराजपुर-नौगांव के दर्जनों गांवों की जमीन इस परियोजना के दायरे में आएगी। हालांकि, भू-अर्जन और 14 गांवों के विस्थापन की धीमी गति प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है, जिसे लेकर कलेक्टर ने कड़े रुख के साथ जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
नहर का मार्ग छतरपुर के बंधीकला, बनगांय, महाराजगंज, राजनगर के गंज, कदौहां, लखेरी, महाराजपुर के मलहरा, मऊ, और नौगांव के लुगासी, नयागांव सहित सटई तहसील के बेडऱी और करोंदिया जैसे गांवों से होकर गुजरेगा। इन क्षेत्रों में नहर आने से सिंचाई की क्षमता में भारी बढ़ोतरी होगी। केन-बेतवा लिंक परियोजना प्राधिकरण के ईई विवेक मित्तल ने बताया कि प्रथम चरण के डीपीआर को अप्रूवल मिलते और भू-अर्जन की प्रक्रिया पूर्ण होते ही जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया जाएगा। वर्तमान में ढोडऩ बांध का काम तेजी से चल रहा है, जो परियोजना का मुख्य केंद्र है।