दो घंटे के लंबे जाम और प्रशासन के प्रति अपने कड़े विरोध को दर्ज कराते हुए अधिवक्ताओं ने अधिकारियों के न आने पर विरोध स्वरूप छत्रसाल चौक पर जूते-चप्पल सुधारने वाले एक मोची को अपना ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन समाप्त किया।
शिवपुरी में एक अधिवक्ता की हत्या के मामले को लेकर छतरपुर जिला मुख्यालय पर वकीलों का भारी आक्रोश देखने को मिला। जिला अधिवक्ता संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में वकील विरोध प्रदर्शन करने के लिए सडक़ों पर उतर आए। दोपहर 2 बजे से चार बजे तक दो घंटे तक चले इस प्रदर्शन में शिवपुरी की घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए अधिवक्ताओं ने सबसे पहले कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया और वहां प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष शिव प्रताप सिंह ने बताया कि वकील साथी की हत्या के विरोध में ज्ञापन सौंपने के लिए संघ के सभी सदस्य पूरी उम्मीद के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद जब शासन या प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी वकीलों का आवेदन लेने के लिए सामने नहीं आया, तो वकील भडक़ उठे। नाराज होकर अधिवक्ता कलेक्ट्रेट से बाहर निकल आए। गौरतलब है कि सोमवार की टीएम मीटिंग के चलते कलेक्टर मौके पर नहीं आ सके। लेकिन जिला पंचायत सीइओ गए, लेकिन वकील कलेक्टर को ही ज्ञापन सौंपने पर अड़े रहे।
नाराज अधिवक्ताओं ने शहर के व्यस्ततम आकाशवाणी तिराहे पर पहुंचकर चक्काजाम कर दिया। यह जाम करीब दो घंटे तक लगा रहा, जिससे पूरे शहर की यातायात व्यवस्था चरमरा गई। सडक़ के दोनों ओर लगभग दो किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति इतनी गंभीर थी कि इस जाम में मासूम बच्चों से भरी स्कूल बसें, मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस और शव वाहन भी डेढ़ से दो घंटे फंसे रहे, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
दो घंटे के लंबे जाम और प्रशासन के प्रति अपने कड़े विरोध को दर्ज कराते हुए अधिवक्ताओं ने अधिकारियों के न आने पर विरोध स्वरूप छत्रसाल चौक पर जूते-चप्पल सुधारने वाले एक मोची को अपना ज्ञापन सौंपकर प्रदर्शन समाप्त किया।