छतरपुर

जुनून की लाइट से रोशन होगा जीवन: बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर

उन्होंने अभाव की जिंदगी देखी है और प्रभाव की जिंदगी भी देख रहे हैं लेकिन यदि जुनून की लाइट जल रही है तो जीवन को जगमग होने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने बच्चों से कहा कि वह राष्ट्र के लिए समर्पित होकर कार्य करें।

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Aug 17, 2024
सम्मानित करते हुए

छतरपुर. बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उस वक्त भावुक हो गए जब वह अपने विद्यालय ध्वजारोहण करने पहुंच गए। गंज के हायर सेकेंडरी स्कूल में महाराज ने ध्वजारोहण करते हुए कहा कि उन्होंने अभाव की जिंदगी देखी है और प्रभाव की जिंदगी भी देख रहे हैं लेकिन यदि जुनून की लाइट जल रही है तो जीवन को जगमग होने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने बच्चों से कहा कि वह राष्ट्र के लिए समर्पित होकर कार्य करें।

बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहुंचे

राजनगर विकासखंड अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग में स्थित गंज के हायर सेकेंडरी स्कूल प्रांगण में उस वक्त हजारों की भीड़ लग गई जिस समय बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ध्वजारोहण करने पहुंचे। कक्षा आठवीं तक अपने ग्राम गढ़ा में अध्ययन करने के बाद बागेश्वर महाराज ने कक्षा नवमी से 12वीं तक की शिक्षा गंज हायर सेकेंडरी स्कूल से पूरी की थी। महाराज ने ध्वजारोहण करते हुए कहा कि वे खुद को आज अत्यंत गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं क्योंकि जिस विद्यालय में शिक्षा ग्रहण की उसी विद्यालय में ध्वजारोहण करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि बिना लाइट के उन्होंने पढ़ाई की लेकिन लाइट पढ़ाई में बाधा नहीं बन सकती बशर्ते जुनून की लाइट जलती हो। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण यह है कि हमारी सोच कैसी है। इस अवसर पर राजनगर एसडीएम प्रखर सिंह, तहसीलदार गोतम ,नायब तहसीलदार प्रतीक रजक, गंज स्कूल की प्रभारी प्राचार्य मती किरन सोनी, हलीम खान, हितेंद्र नामदेव, संदीप पाठक सीएसी, अखिलेश शुक्ला सीएसी, केके हरदैनिया, बीआरसीसी अतुल चतुर्वेदी, पन्नालाल अहिरवार, पूर्व शिक्षक सेठ मैडम, केके शुक्ला सहित क्षेत्र के सैकड़ो की संख्या में वर्तमान और पूर्व छात्र छात्राए उपस्थित रहे।

महाराज ने विद्यार्थियों को दिए सफलता के पांच सूत्र


बागेश्वर महाराज ने गंज स्कूल के विद्यार्थियों को सफलता के पांच सूत्र बताएं उन्होंने कहा कि ब्रह्म मुहूर्त में उठकर सूर्य को अध्र्य देने से तेज बढ़ता है। उन्होंने शिक्षकों का सम्मान करने, लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने, लक्ष्य के लिए कार्य करने के साथ ही स्वयं की किसी से तुलना न करने की बात कही उन्होंने कहा कि सबसे पिछड़ा बच्चा भी अव्वल आ सकता है। उन्होंने कहा कि जब बच्चे के नाम से पिता की पहचान बने तो पिता खुद को गौरवान्वित महसूस करता है।बागेश्वर सरकार ने अपनी पूर्व की 10वी कक्षा में जाकर छात्र छात्राओं के साथ बैठकर चर्चा की और सभी के छात्र छात्राओं और शिक्षकों के साथ एक सामूहिक फोटो निकलवाई।

Published on:
17 Aug 2024 10:38 am
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