छतरपुर

बकस्वाहा को दमोह में और घुवारा को टीकमगढ़ में शामिल करने स्थानीय लोग कर रहे मांग

जिले का परिसीमन किए जाने को लेकर आम लोगों की राय लेने के अनुसार जिले का दायरा कम हो सकता है। क्योंकि लवकुशनगर को जिला बनाने की मांग लोग पहले से ही कर रहे हैं। बकस्वाहा व घुवारा तहसील क्षेत्र के गांव की दूरी जिला मुख्यालय से अधिक होने के कारण वह नजदीकी जिलों में शामिल होना चाहते हैं।

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Oct 10, 2024
छतरपुर जिले का मैप

छतरपुर. जिले का परिसीमन किए जाने को लेकर आम लोगों की राय लेने के अनुसार जिले का दायरा कम हो सकता है। क्योंकि लवकुशनगर को जिला बनाने की मांग लोग पहले से ही कर रहे हैं। बकस्वाहा व घुवारा तहसील क्षेत्र के गांव की दूरी जिला मुख्यालय से अधिक होने के कारण वह नजदीकी जिलों में शामिल होना चाहते हैं।

टीकमगढ़ की दूरी कम


छतरपुर जिले की सीमा, पन्ना, दमोह, सागर और टीकमगढ़ से जुड़ी है। वहीं एक ओर उत्तरप्रदेश का महोबा जिले की सीमा लगा है। अगर छतरपुर जिले का परिसीमन किया जाता है तो घुवारा तहसील क्षेत्र के लोग टीकमगढ़ में शामिल होने की इच्छा जता रहे हैं। क्योंकि घुवारा से जिला मुख्यालय की दूरी 85 किमी है। वहीं टीकमगढ़ घुवारा से मात्र 40 किमी की दूरी पर है। अभी घुवारा के लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए अधिक दूरी तय करनी पड़ती है। इसी तरह बकस्वाहा ब्लॉक से जिला मुख्यालय की दूरी 100 किलोमीटर है जबकि दमोह मुख्यालय से यहां की दूरी महज 55 किलोमीटर है।

जिला मुख्यालय से दूरी 150 किलोमीटर तक


छतरपुर का नक्शा परिसीमन के बाद बकस्वाहा दमोह व घुवारा टीकमगढ़ में शामिल हो सकता है। प्रदेश सरकार ने परिसीमन आयोग का गठन किया मध्यप्रदेश में संभागों, जिलों और तहसीलों का सीमांकन नए सिरे से किए जाने के लिए सरकार ने परिसीमन आयोग का गठन कर दिया है। जिसमें तीन सदस्यीय टीम शामिल होगी। आम लोग इस आयोग को अपने क्षेत्र की प्रशासनिक संरचना को लेकर सुझाव दे सकेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने बयानों में कहा था कि कई टोले, मजरे और पंचायतों के लोगों को जिला, संभाग, तहसील, विकासखंड जैसे मुख्यालयों तक पहुंचने के लिए 100 से 150 किमी का चक्कर लगाना पड़ रहा है, जबकि ऐसे क्षेत्रों से दूसरे जिले, संभाग, विकासखंड और तहसील मुख्यालय नजदीक हैं।

कुछ गांव पन्ना और यूपी के नजदीक


गौरिहार और चंदला क्षेत्र के कुछ गांवों की दूरी जिला मुख्यालय के लिए 110 किलोमीटर तक है। यह गांव पन्ना और उत्तरप्रदेश की सीमा से लगे हैं। जिससे उत्तर प्रदेश के जिलों के साथ परिसीमन किया जाना संभव नहीं है। वहीं पत्रा जिला मुख्यालय की दूरी भी यहां से 100 किलोमीटर से अधिक है। ऐसे में स्थानीय लोगों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने में लंबी दूरी तय करनी होती है। इसके लिए स्थानीय लोग लंबे समय से लवकुशनगर को जिला बनाने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में समाजसेवी संस्थाओं और स्थानीय लोगों को प्रदेश सरकार के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया है। जिस पर विचार किया जा रहा है। विसंगतियां दूर करने के लिए नया परिसीमन आयोग बनाया गया है। इसके माध्यम से नजदीकी जिला मुख्यालय से जोडकऱ जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रशासनिक दृष्टि से भी यह निर्णय भी कारगर सिद्ध होगा।

Published on:
10 Oct 2024 10:11 am
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