छतरपुर

ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत तारों का नहीं किया जा रहा मेंटेनेंस, जर्जर तारों से हो रहीं घटनाएं

लटक रहे तारों से आमजन को बना खतरा, आधा दर्जन से अधिक घटनाओं के बाद भी नहीं किया जा रहा सुधार

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Feb 12, 2024
ट्रासफार्मर में लगा तारों का मकडज़ाल व झूलने तार
ट्रासफार्मर में लगा तारों का मकडज़ाल व झूलने तार

छतरपुर. ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत व्यवस्था गड़बड़ाने से लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर लटक रहे जर्जर बिजली के तारों से घटनाओं का डर बना रहता है और आए दिन तारों के टूटकर गिरने की शिकायतें आ रही हैं। जिससे कई घटनाएं हुई हैं। इसके बाद भी कंपनी की ओर से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। तारों के लटकने व टूटने के कारण जिले भर में कई बढ़ी घटनाएं हो चुकी हैं।

बिजली कंपनी की ओर से हर वर्ष बिजली के तारों को मैंटीनेंस करने के लिए निर्देश और खराब तारों को बदलने के लिए सामग्री दी जाती है। लेकिन इसके बाद भी कंपनी की ओर से इसको लेकर कार्य नहीं किए जा रहे हैं। बिजली के तारों का मेंटेनेंस नहीं होने के कारण खेतों, सड़कों और घरों के पास हवा में झूल रहे तार लोगों के लिए खतरा बन रहे हैं। ऐसे में विद्युत सप्लाई भी सूचारू नहीं मिल पा रही है और आए दिन तारों के टूटने से घंटों तक बिजली सप्लाई बंद रहती है। ग्रामीणों को कहना है कि यदि विद्युत व्यवस्था नहीं सुधारी गई तो बारिश के दौरान यह समस्या और बढ़ जाएगी। लोगों का कहना है कि अभी से तार झूल रहे हैं और आए दिन टूटकर गिर रहे हैं, आने वाले दिनों में गर्मी होने से तारों पर हल्का लोड बढऩे से सप्लाई और प्रभावित होगी। जिससे न तो उसने के खेतोंं में समय से सिंचाई हो पाएगी और न ही रातों में नींद पूरी हो पाएगी। लोगों को कहना है कि बिजली कंपनी के कर्मचारियों द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर कागजी कार्रवाई करी जा रही है। हकीकत में मेंटेनेंस नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रोंं में लोगों को बडी परेशानी उठानी पड़ रही है। मेंटेनेंस नहीं होने से टूटकर गिरी लाइनों व लटक रहे तारों की चपेट में आने से कई लोगों की मौत हुई है। साथ ही कई जानवरों की भी मौत हो गई। वहीं ट्रांसफार्मरों के पास तारों का मकडज़ाल भी घटनाओं का कारण बन रहा है।

ये हुईं कुछ घटनाएं

४ अगस्त २०२३ को सटई थाना क्षेत्र के कसार गांव में खेत पर काम करने के दौरान हल्कू रैकवार (56), उसकी पत्नी फूला बाई (50) और 17 वर्षीय पुत्री काजल की बिजली के तारों के संपर्क में आकर मौत हो गई थी। ग्राम देवरी के 26 वर्षीय अरुण प्रताप सिंह यादव की खेत पर करंट लगने से मौत हो गई

- करीब ६ माह पहले महाराजपुर थाना क्षेत्र के ग्राम गुंदारा निवासी एक किसान ने खेत पर काम करते समय लटक रहे बिजली का तार पकड़ लिया था। जिससे करंट की चपेट में आ किसान की मौत हो गई थी।

- १ जुलाई २०२३ में गुलगंज क्षेत्र के ग्राम देवरी में रमेश तिवारी (५५) पिता चंद्रभान तिवारी की करंट लगने से दर्दनाक मौत हुई थी। रमेश तिवारी अपने खेत पर बारी लगा रहा था, उसी समय लटक रहे बिजली लाइन का तार टच हो जाने जाने से घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई।

- ६ अक्टूवर २०२२ को लवकुशनगर के क्षेत्र के सिजई गौशाला धाम मे हाईटेंशन लाइन के तार टूटने से चपेट में आकर 22 गायों की दर्दनाक मौत हो गई।

- गौरिहार क्षेत्र के एक गांव में मार टूटने से एक व्यक्ती की मौत हो गई थी। इसी घटना में कई लोग करंट की चपेट में आकर हताहत हुए थे।

जर्जर तारों में दौडाया जा रहा करंट

विद्युत कंपनी इन झूलते जर्जर तारों में जगह-जगह लकड़ी बांध कर करंट दौड़ाने का प्रयास किया जा रहा है। जर्जर तारों में दौड़ता करंट कब किस ग्रामीण में दौड़ जाए यह कहा नहीं जा सकता। जिले में ईशानगर, बिजावर, मातगुवां, नौगांव, महाराजपुर, लवकुशनगर, चंदला, गौरिहार, सरवई आदि ग्रामीण क्षेत्रों में गांव ऐसे हैं, जहां पर खेतों के ऊपर और गांव की गलियों में बिजली के जर्जर तार झूल रहे हैं। इन ग्रामों में सालों पहले विद्युतीकरण हुआ था। इतना समय बीत जाने के बाद भी विद्युत विभाग ने तार व पोल बदलवाए जाने की जहमत नहीं उठाई। परिणाम स्वरूप ग्रामों में झूलते तार हादसों को बुलावा दे रहे हैं। इसके अलावा जर्जर तार कई ग्रामीणों के मकानों की छतों को छू रहे हैं। गांवों में बिजली के तारों की स्थिति यह है कि जरा सी हवा चलने पर तार टूट जाते हैं। जिससे विद्युत आपूर्ति ठप रहने के साथ दुर्घटना घटित होने का भी भय बना रहता है।

इनका कहना है

जिले में पुरानी लाइनों को बदलने, नई लाइन डालने व अन्य कार्य के लिए हम प्रयास कर रहे हैं। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है, जल्द ही लाइनों को बदलने, अधिक लोड वाली लाइन के साथ नई लाइन डालने आदि कार्य किए जाएंगे।

प्रमिल कुमार मिश्रा, एसई, बिजली कंपनी

Published on:
12 Feb 2024 07:10 pm
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