सफाई करने के बाद आसपास ही लग रहे कचरे का ढेर, नालियों से निकला कचरा कई दिनों तक सड़क पर पड़ा रहने से लोगों की परेशानी का बन रहा कारण
छतरपुर. नगर पालिका के सफाई अमले द्वारा स्वच्छता नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। जिससे सफाई करने के बाद भी वार्ड स्वच्छ नहीं हो पा रहे हैं। हालात हैं कि कर्मचारी सड़कों में सफाई कर कचरा किनारे में लग रहे हैं और नालियां साफ कर किनारे में कचरा रखकर भूल जाते हैं और कई दिनों तक कचरा पड़ा रहने से फिर सड़क व नालियों में चला जाता है। जिससे कार्य होने के बाद भी हालात नहीं सुधार पा रहे हैं।
नगर पालिका की ओर से वार्डों व सड़कों में सफाई करने के लिए सफाईकर्मी लगाए हैं और उन्हें प्रतिदिन समय से ड्यूटी करने व वार्डों को स्वच्छ बनाएं। पर कर्मचारी ओर नगर पालिका की पुरानीकार्य प्रणाली के चलते सफाई होने के बाद कचरा तत्काल नहीं उठाया जा रहा है। कर्मचारियों को कहना है कि कचरा उठाने वाली टीम अलग है और सफाई करने वाली टीम अलग है। अधिकारियों के आदेश निर्देश पर वह वार्डों में सफाई करते हैं और कचरों सड़क के किनारे या खाली मैदान में छोटे-छोटे ठेर लगा देते हैं। उसे उठाने की जिम्मेदारी दूसरी टीम की होती है। इसी तरह नालियों व नाला की सफाई को लेकर स्थिति है, कर्मचारी नालियों से निकला कचरा किनारे लगाकर अपने काम से निवृत हो जाते हैं और ये कचरा सूखने के इंजतार में दो-तीन दिन तक या इससे अधिक दिनों तक वहीं पड़ा रहता है। कई बाद कचरा ८-१० दिनों तक भी पड़ रहता है। जिससे यहां से निकालने वाले वाहनों से कचरा सड़क में फैल जाता है और बाकी नालियों में वापस चला जाता है। जिससे कर्मचारियों की मेहनत पर पानी फिर जाता और वह क्षेत्र स्वच्छ भी नहीं हो पा रहा है। ये हाल शहर के किसी एक-दो वार्ड नहीं बल्कि सभी वार्डों के हैं। बीते दिनों वार्ड क्रमांक, एक, तीन, आठ, २०, ३५, ३८, ३७, ३६ सहित अन्य वार्ड में नालियों की सफाई होने के बाद अभी भी कचरा पड़ा है।
तत्काल कचरा उठाना जरूरी
शहर में नगर पालिका को नालियों की सफाई और सड़कों आदि की सफाई के साथ ही कचरा उठाने की की व्यवस्था की जानी चाहिए। जिससे वार्डांे की स्वच्छता में सुधार आने की उम्मीद है। लेकिन वर्षों से चली आ रही इस रिवाज को नगर पालिका की ओर से बदलने में समय लगेगा।