मनमाने तरीके से अनियमितता और अनुपयोगी कार्य कराके जहां सरकारी बजट को चूना लगाया जा रहा है, वहीं पंचायत प्रतिनिधियों को न जांच की चिंता है, न अधिकारियों का डर है। पंचायतों में कई अनुपयोगी काम भी करा दिए गए हैं।
छतरपुर. जिले की ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में मनमाने तरीके से अनियमितता और अनुपयोगी कार्य कराके जहां सरकारी बजट को चूना लगाया जा रहा है, वहीं पंचायत प्रतिनिधियों को न जांच की चिंता है, न अधिकारियों का डर है। पंचायतों में कई अनुपयोगी काम भी करा दिए गए हैं। वहीं, मनरेगा के काम मशीनों से कराके फर्जी मस्टर भरे जा रहे हैं। लेकिन शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है।
चंदला क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत छठीबम्होरी में चार साल पहले बिना सोचे-विचारे गांव के बाहर पहाड़ के नीचे 15 लाख की लागत से हाट-बाजार बना दिया गया। इस हाट बाजार का आज तक उपयोग नहीं हो सका है। यहां बेसहारा मवेशियों का डेरा जमा रहता है। यहां बैठकर जुआ खेलने और शराब पीने वालों की आवाजाही बनी रहती है। जो दुकानें बनाई गई हैं, उनके शटर में जंग लगने लगी है और घटिया मसाले के उपयोग के कारण दो साल में ही दीवारों में दरारें आ गई हैं। पूरा हाटबाजार स्थल गंदगी से पटा पड़ा है। इतना ही नहीं गांव के पंचायत भवन की हालत देखने से ऐसा लगता है कि यहां न कभी सफाई होती है, न कोई बैठता है। पंचायत भवन की दीवारों पर काई लग चुकी है, खिडकियों के ऊपर छज्जे पर घास उग आई है। जबकि पंचायत भवन के मेंटेनेंस के नाम पर अकसर राशि मंजूर कराके हजम कर ली जाती है।
ग्राम पंचायत बंधीकला में नाली और सीसी रोड में बड़ा घोटाला किया गया है। 10 लाख की लागत से नाली निर्माण और 40 लाख की लागत से सीसी रोड के निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार किया गया है। यहां भी सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक की तिकड़ी ने जमकर मनमानी करके अपने हाथ बनाए हैं। नाली व सीसी रोड में मनमानी की शिकायत के बाद जिम्मेदार अधिकारियों ने जांच में ही लीपापोती कर दी।
गौरिहार जनपद पंचायत के अंतर्गत ग्राम पंचायत चौहानी में मनरेगा व नाली निर्माण कार्य में मनमानी करने में यहां के सरपंच, सचिव व रोजगार सहायक की तिकड़ी किसी से पीछे नहीं रही है। पंचायत चौहानी में गांव के मजदूरों को काम न देकर मशीन से नाली की खुदाई कराके ठेकेदार ने उल्टे बहाव की नाली बना डाली। मनरेगा के इस कार्य में फर्जी मास्टर रोल भरकर राशि निकालने की शिकायतें आम हैं। इसी तरह मनुरिया ग्राम पंचायत में भी मनरेगा के तहत तालाब निर्माण का काम जेसीबी मशीन से कराया गया हैं। इसकी भी शिकायत की गई पर जिम्मेदार अधिकारी इसे अनदेखा कर गए।