लवकुशनगर बीएमओ को पिछले एक माह में गर्भवती महिलाओं के उचित प्रबंधन, एनसीडी स्क्रीनिंग और पोर्टल अपडेशन में गंभीर लापरवाही बरतने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं, मेडलेपार एप पर ऑनलाइन एंट्री शून्य या अत्यधिक कम होने पर गढ़ीमलहरा, लवकुशनगर, मातगुवां और नौगांव के संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों का एक-एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए गए।
जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक में कलेक्टर पार्थ जैसवाल का सख्त तेवर देखने को मिला। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित इस बैठक में स्वास्थ्य सूचकांकों में खराब प्रदर्शन और पोर्टल एंट्री में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मातृ-शिशु स्वास्थ्य और टीकाकरण जैसे संवेदनशील मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने लवकुशनगर बीएमओ को पिछले एक माह में गर्भवती महिलाओं के उचित प्रबंधन, एनसीडी स्क्रीनिंग और पोर्टल अपडेशन में गंभीर लापरवाही बरतने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं, मेडलेपार एप पर ऑनलाइन एंट्री शून्य या अत्यधिक कम होने पर गढ़ीमलहरा, लवकुशनगर, मातगुवां और नौगांव के संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों का एक-एक दिन का वेतन काटने के आदेश दिए गए।
मातृत्व मृत्यु दर की समीक्षा के दौरान छतरपुर शहर के एक प्रकरण में कलेक्टर ने स्वयं मृतका के परिजनों से बात कर वस्तुस्थिति जानी। इस मामले में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ द्वारा रेफर करने में हुई देरी की जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। एम्बुलेंस पहुंचने में हुई देरी के लिए भी जिम्मेदारी तय कर सख्त कदम उठाने को कहा गया है।
कलेक्टर ने निर्देश दिया कि प्रसव केंद्रों पर उन सभी हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की सूची एक माह पहले ही चस्पा की जाए, जिनकी डिलीवरी होने वाली है। इससे डॉक्टरों को पहले से पता रहेगा और वे उचित देखभाल सुनिश्चित कर सकेंगे। उन्होंने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि जो डॉक्टर्स पीएमएसएमए कैंपों में नहीं जा रहे हैं, उनका वेतन काटा जाए।
यू-विन पोर्टल: टीकाकरण से छूटे हुए बच्चों के लिए कैचअप राउंड चलाकर शत-प्रतिशत रियल टाइम एंट्री सुनिश्चित करने को कहा। जननी सुरक्षा योजना में पात्र महिलाओं को भुगतान में देरी न हो, इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं को डीबीटी फॉर्म और ई-केवायसी प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए। जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र पर कलेक्टर ने कड़े शब्दों में कहा कि जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र आवेदकों को समय पर उपलब्ध कराए जाएं, इसमें देरी होने पर संबंधित क्लर्क और अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
राजनगर ब्लॉक में बच्चों के पोषण हेतु एनआरसी में शत-प्रतिशत बेड ऑक्यूपेंसी (बिस्तरों की उपलब्धता) रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही, टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत बिजावर, छतरपुर और गौरिहार में स्क्रीनिंग और फूड बास्केट वितरण बढ़ाने की जिम्मेदारी तय की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, सीएमएचओ डॉ. आरपी गुप्ता, सिविल सर्जन डॉ. शरद चौरसिया और सभी विकासखंडों के बीएमओ उपस्थित रहे।