मिर्च स्प्रे एक गैर-घातक, लेकिन अत्यधिक प्रभावी उपकरण है, जो महिला जवानों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करने में मदद करेगा।
छतरपुर. भारतीय रेलवे ने रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) की महिला जवानों को मिर्च स्प्रे के डिब्बों से लैस करने का अहम फैसला लिया है। यह निर्णय महिला यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने और ट्रेनों में उत्पीडऩ या बदमाशों से निपटने के लिए एक प्रभावी कदम साबित होगा। मिर्च स्प्रे एक गैर-घातक, लेकिन अत्यधिक प्रभावी उपकरण है, जो महिला जवानों को चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित और निर्णायक कार्रवाई करने में मदद करेगा।
इस नए उपाय का उद्देश्य विशेष रूप से उन महिला यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करना है, जो अकेले यात्रा कर रही हैं या बच्चों के साथ यात्रा करती हैं। ट्रेन के भीतर और बाहर, विशेषकर सुनसान स्टेशनों, चलती ट्रेनों और दूरदराज के रेलवे स्थानों जैसे संवेदनशील इलाकों में यह कदम बहुत महत्वपूर्ण साबित होगा, जहां तत्काल बैकअप उपलब्ध नहीं हो सकता। मिर्च स्प्रे के डिब्बे महिला आरपीएफ कर्मियों को एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच प्रदान करेंगे, जिससे वे उत्पीडऩ की घटनाओं का सटीक और प्रभावी तरीके से जवाब दे सकेंगी।
आरपीएफ के अधिकारियों के अनुसार भारतीय रेलवे ने महिला यात्रियों के लिए सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया है। रेलवे सुरक्षा बल के कर्मियों को मिर्च स्प्रे से लैस करना, महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे महिला आरपीएफ कर्मियों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और वे खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार रहेंगे। आरपीएफ के अधिकारियों ने कहा कि भारतीय रेलवे लगातार महिलाओं को सशक्त बनाने और सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षित बनाने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रहा है। इसके तहत, रेलवे सुरक्षा बल की महिला जवानों को 'मेरी सहेली' नामक टीमों का हिस्सा भी बनाया गया है, जिनका मुख्य उद्देश्य महिला यात्रियों को सुरक्षा और विश्वास प्रदान करना है। ये टीमें महिलाओं से प्रतिदिन संपर्क करती हैं और उन्हें सुरक्षित यात्रा के बारे में जानकारी देती हैं।
यह पहल पहले से ही रेलवे के कुछ क्षेत्रों में लागू हो चुकी है, और अब इसे शीघ्र ही झांसी मंडल में भी लागू किया जाएगा। इससे ट्रेनों में सुरक्षा की स्थिति और भी सुदृढ़ होगी और यात्रियों को एक सुरक्षित यात्रा अनुभव प्राप्त होगा। मनोज कुमार सिंह, पीआरओ ने बताया, "यह व्यवस्था महिला सुरक्षा को सुनिश्चित करने में एक बड़ा कदम साबित होगी और इससे यात्रियों की सुरक्षा में चाक-चौबंद तरीके से सुधार होगा। इस कदम से भारतीय रेलवे में सुरक्षा का एक नया अध्याय शुरू होगा।"