छात्रावास निरीक्षण नहीं करने पर चंदला और बिजावर जनपद सीईओ को शोकॉज जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
सोमवार को कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में टीएल प्रकरणों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ नमः शिवाय अरजरिया, एडीएम मिलिंद नागदेवे, सहायक कलेक्टर आशीष पाटिल, संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर, एसडीएम, निकायों के सीएमओ एवं जनपदों के सीईओ और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों को 50 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों को प्राथमिकता से निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल शिक्षा और खाद्य विभाग को विशेष कैंप लगाकर शिकायतों का निराकरण कराने के निर्देश भी दिए।
कलेक्टर ने अधिकारियों को लोक सेवा गारंटी में समयसीमा का पालन करने और नकारात्मक डिस्पोजल वाले आवेदनों की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी विभाग को डी ग्रेड में नहीं रहना चाहिए और समयसीमा में सेवाएं न देने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। संकल्प से समाधान अभियान के तहत राजस्व अधिकारियों को सप्ताह में एक दिन ब्लॉक अधिकारियों के कार्यों का फॉलो‑अप करने के निर्देश दिए गए। बक्सवाहा, छतरपुर और बडामलहरा में आवेदनों की संख्या बढ़ाने और ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने फॉर्मर रजिस्ट्री में खसरा दर्ज करने, फिश पार्लरों को शीघ्र शुरू करने और खुले में फिश बेचने वाले विक्रेताओं को केवल पार्लर में ही व्यापार करने के निर्देश दिए। साथ ही सहकारिता विभाग को खाद वितरण और एएनसी पंजीयन में सुधार हेतु अभियान चलाने के लिए कहा गया।
मोबाइल फोन पर बात करने पर अनुशासनहीनता के कारण जिला पेंशन अधिकारी पर 1000 रुपए का अर्थदंड लगाया गया और राशि तुरंत जमा कराई गई।
-लोक सेवा गारंटी में समयसीमा उल्लंघन पर एसएलआर पर 1500 रुपए पेनल्टी लागू की गई।
-सौंरा तहसीलदार और बृजपुरा पंचायत सचिव पर भी क्रमशः 250-250 रुपए की कार्रवाई की गई।
-बकस्वाहा सीएमओ पर 2750 रुपए और बीआरसी बडामलहरा पर 750 रुपए की पेनल्टी लगाई गई।
-एमएलसी रिपोर्ट में शून्य प्रगति पर महाराजपुर, गौरिहार, बारीगढ़ और सटई के मेडिकल ऑफिसरों की एक-एक दिन की वेतन कटौती की गई।
कलेक्टर ने छात्रावासों में पाई गई कमियों के शीघ्र निराकरण और अधीक्षकों से पालन प्रतिवेदन लेने के निर्देश दिए। छात्रावास निरीक्षण नहीं करने पर चंदला और बिजावर जनपद सीईओ को शोकॉज जारी करने के निर्देश भी दिए गए। स्कूलों में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता की जांच कर उचित सुधार करने को कहा गया।