लॉकडाउन के बावजूद एक दर्जन से अधिक लोग एक नाई की दुकान में कटिंग-शेविंग कराते मिले। सड़कों पर मुसतैद पुलिस ने जब इतने सारे लोगों को एक साथ पकड़ा तो जमकर पिटाई लगाई।
छतरपुर/ देशभर में कोरोना वायरस का असर तेजी से फैल रहा है। संक्रमण को लेकर मध्य प्रदेश के हालात भी काफी चिंताजनक हैं। हालात को नियंत्रित रखने के लिए जहां प्रशासन लोगों से सोशल डिस्टेंसिंग बनाने की अपील कर रहा है, वहीं सरकार ने देशभर को लॉकडाउन किया है। हालात लगातार बिगड़ रहे हैं, बावजूद इसके कई लोग इस वैश्विक महामारी को लेकर जरा भी गंभीर नहीं हैं। लोगों का ऐसा ही एक उदासीन रवैय्या देखने को मिला एमपी के छतरपुर जिले में, जहां पूरा इलाका बंद होने के बावजूद एक दर्जन से अधिक लोग एक नाई की दुकान में कटिंग-शेविंग कराते मिले। सड़कों पर मुसतैद पुलिस ने जब इतने सारे लोगों को एक साथ पकड़ा तो जमकर पिटाई लगाई।
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[typography_font:14pt;" >पुलिस ने डेडे से बनाई लोगों की हजामत
बता दें कि, जिले के महाराजपुर में एक दर्जन से अधिक लोग लॉकडाउन का उल्लंघन करके एक नाई की दुकान पहुंच गए। बर्बर ने भी छुपते छुपाते इतने सारे लोगों को उसकी छोटीसी दुकान में एक साथ भर लिया और उनकी हजामत बनाने लगा। इसी बीच पुलिस को इस तरह अवैध रूप से लोगों को इक्ट्ठा करने और लॉकडाउन का उल्लंघन करने की सूचना मिली। पुलिस ने नाई की दुकान पर पहुंचकर नाई समेत सभी दर्जन भर लोगों को पकड़ लिया, जिसके बाद एक एक करके सभी को निकाला और लाठी से सभी की हजामत बना दी।
नाई को चेतावनी देकर छोड़ा
पुलिस ने नाई समेत पकड़े गए सभी लोगों को एक एक करके निकाला और डंडों से पीटना शुरु किया, साथ ही दौबारा घर से बाहर निकलकर इस तरह की भीड़ का हिस्सा न बनने की शपथ दिलाई। मौका देखते ही भीड़ में शामिल कई लोग भाग निकले। हालांकि, पुलिस ने दुकान बंद कराते हुए नाई को सख्त हिदायत दी कि, जब तक लॉकडाउन लगाया गया है, तब तक दुकान नहीं खोलनी, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग न बिगड़े।
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'ऐसे लोगों पर सख्ती भी जरूरी'
गश्त पर तैनात पुलिसकर्मी ने बताया कि, एक तो इतनी छोटी सी दुकान में इतने सारे लोग एक साथ इकट्ठे थे। हारानी तो इस बात की थी कि, उनमें से अधिकतर लोग मास्क भी नहीं लगाए थे। ऐसे लोगों सज़ा देने का उद्देश्य सख्ती का अहसास कराना भी है। क्योंकि, इन्हें मोखिक रुप से बताने पर भी ये लोगस्थितियों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। यही कारण है कि, लॉकडाउन होने के बावजूद भी संक्रमण के मामले बड़े पैमाने पर लगातार सामने आ रहे हैं।