
Sagar Lokayukta Action: छतरपुर में संभागीय लेखा अधिकारी 4000 रूपए घूस लेते गिरफ्तार (फोटो सोर्स- Patrika)
Accounts Officer arrested accepting bribe- मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त टीम रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला छतरपुर जिले से सामने आया है। यहां भ्रष्टाचार के खिलाफ सागर लोकायुक्त की टीम ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई (Sagar Lokayukta Action) को अंजाम दिया।
छतरपुर स्थित मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (MPHIDB) के कार्यालय में पदस्थ संभागीय लेखा अधिकारी को लोकायुक्त की विशेष टीम ने 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अधिकारी मकान की रजिस्ट्री की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में यह घूस वसूल रहा था।
इस कार्रवाई का आधार छतरपुर निवासी रामनारायण शुक्ला की शिकायत बनी। पीड़ित ने लोकायुक्त को बताया कि उन्होंने छत्रसाल नगर स्थित अमलतास हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में ईडब्ल्यूएस श्रेणी के दो मकान खरीदे थे। पिछले डेढ़ साल से वे इन मकानों की रजिस्ट्री कराने के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहे थे, लेकिन हाउसिंग बोर्ड में पदस्थ संभागीय लेखा अधिकारी बीपी विश्वकर्मा (Accounts Officer BP Vishwakarma) फाइल को मंजूरी देने में अड़ंगा डाल रहे थे।
आरोपी अधिकारी ने रजिस्ट्री के बदले 6,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। बार-बार निवेदन करने के बावजूद अधिकारी ने काम नहीं किया, जिससे परेशान होकर पीड़ित ने मई महीने में सागर लोकायुक्त कार्यालय में इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का गोपनीय सत्यापन किया, जिसमें रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई। सत्यापन के दौरान रिश्वत की राशि 4,000 रुपये पर तय की गई।
सोमवार को योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता रामनारायण शुक्ला केमिकल लगे हुए 4,000 रुपये लेकर कार्यालय पहुंचे। जैसे ही उन्होंने केबिन में जाकर आरोपी अधिकारी बीपी विश्वकर्मा को रकम दी, बाहर तैनात लोकायुक्त की टीम ने तुरंत दबिश दे दी। टीम ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया और हाथ धुलवाने पर वे केमिकल के कारण गुलाबी हो गए।
लोकायुक्त सागर संभाग की इंस्पेक्टर मंजू किरण तिर्की के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के बाद आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। लोकायुक्त की टीम अब कार्यालय के महत्वपूर्ण दस्तावेजों, कंप्यूटर डेटा और फाइलों की सघन जांच कर रही है ताकि भ्रष्टाचार के इस मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाए जा सकें।
Published on:
15 Jun 2026 07:00 pm
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