छतरपुर

टीबी उन्मूलन अभियान: 3.73 लाख लोगों की जांच में 1946 मरीज मिले

दिसंबर 2024 में शुरू हुए इस टीबी उन्मूलन अभियान के तहत, राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत निदान उपायों तक बेहतर पहुंच, उपचार में देरी घटाने, पोषण से जुड़ी जरूरी चीजें पहुंचाने और रोगी संपर्क में आने वाले लोगों के लिए निवारक उपचार जैसी रणनीतियां अपनाई गई हैं।

2 min read
Mar 02, 2025
टीबी हॉस्पिटल

प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत चल रहे 100 दिवसीय निक्षय अभियान में छतरपुर जिले ने उल्लेखनीय कार्य किया है। 3 लाख 90 हजार 288 लोगों के परीक्षण के लक्ष्य के सामने अब तक 3 लाख 73 हजार 328 लोगों की जांच पूरी हो चुकी है। शनिवार को जिला क्षय अधिकारी डॉ. रविंद्र पटेल ने बताया कि इस अभियान के दौरान 1946 नए टीबी मरीज मिले हैं। सभी मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है। वर्तमान में जिले में कुल 5560 टीबी मरीज चिह्नित हैं।

शुरुआत 7 दिसंबर 2024 को हुई

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत, स्वास्थ्य विभाग द्वारा अब तक 12665 लोगों के एक्स-रे किए गए हैं और 4567 लोगों की नॉट टेस्टिंग भी की गई है। इसके अलावा, जिले के विभिन्न गांवों और शहरों में शिविर आयोजित किए गए, ताकि लोगों को टीबी के लक्षणों के बारे में जागरूक किया जा सके और संदिग्ध मरीजों का इलाज शुरू किया जा सके। अभियान की शुरुआत 7 दिसंबर 2024 को हुई थी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी के लापता मामलों की पहचान करना, उनका इलाज शुरू करना और टीबी से होने वाली मौतों को कम करना है। अभियान के तहत विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक आयु वाले लोग, अल्कोहल सेवन करने वाले, डायबिटीज के मरीज, झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोग और अन्य टीबी के संदिग्ध लोग शामिल हैं।

गांव-गांव और शहर-शहर में शिविर आयोजित किए

लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने गांव-गांव और शहर-शहर में शिविर आयोजित किए और लोगों को टीबी के बारे में जागरूक किया। इसके अलावा, अभियान में पॉजिटिव पाए गए मरीजों का उपचार प्रारंभ किया गया है और उन्हें निक्षय पोषण योजना के तहत आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। इस योजना के तहत 2331 इंटॉलमेंट मरीजों के खाते में प्रतिमाह 1000 रुपए ट्रांसफर किए जा रहे हैं।

फूड बॉस्केट का वितरण

इसके अलावा, 917 निक्षय मित्रों ने 449 फूड बॉस्केट का वितरण किया है, जो इन मरीजों के लिए पोषण संबंधी आवश्यकताएं पूरी करने में मदद कर रहे हैं। यह पहल न केवल मरीजों के इलाज को गति देती है, बल्कि उनकी शारीरिक स्थिति को भी बेहतर बनाती है, जिससे इलाज में सफलता की संभावना बढ़ती है। जिला क्षय अधिकारी डॉ. रविंद्र पटेल ने बताया कि छतरपुर जिले में टीबी उन्मूलन के लिए व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिलेभर में शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जहां टीबी के लक्षणों की पहचान की जाती है और संदिग्ध मरीजों का इलाज शुरू किया जाता है। इसके साथ ही, जिले के 13 निजी एक्स-रे सेंटर से अनुबंध कर रोगियों की पहचान की जा रही है।

निवारक उपचार

दिसंबर 2024 में शुरू हुए इस टीबी उन्मूलन अभियान के तहत, राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम के तहत निदान उपायों तक बेहतर पहुंच, उपचार में देरी घटाने, पोषण से जुड़ी जरूरी चीजें पहुंचाने और रोगी संपर्क में आने वाले लोगों के लिए निवारक उपचार जैसी रणनीतियां अपनाई गई हैं। इसके माध्यम से छतरपुर जिले में टीबी के मामलों की पहचान और इलाज में सुधार हुआ है ।

लोगों से अपील- बीमारी को छिपाएं नहीं

डॉ. पटेल ने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य टीबी रोगियों की समय पर पहचान करना है। साथ ही मृत्यु दर और नए रोगियों की संख्या में कमी लाना है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे बीमारी को छिपाएं नहीं। सरकार द्वारा चलाई जा रही विशेष योजनाओं के तहत निशुल्क इलाज कराएं और टीबी चैम्पियन बनें।

Published on:
02 Mar 2025 10:36 am
Also Read
View All

अगली खबर