पेट में पाचन संबंधी प्रक्रिया सही न होने से मुंह फूलने जैसी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है। वहीं डिहाईड्रेशन और त्वचा संबंधी रोग भी इस सीजन में देखे जाने लगे हैं।
मौसम में बदलाव होने से लोगों के शरीर पर दुष्प्रभाव हो रहा है और ऐसे में पेट रोग की समस्या उभरकर सामने आ रही है। बीते एक माह में जिला अस्पताल में 2412 मरीज दर्ज किए गए जिन्हें पेट में दर्द या शिकायत देखी गई। चिकित्सकों का मानना है कि मौसम में हो रहे बदलाव और खानपान में सही पाचन न होने से पेट में समस्या देखी जा रही हैं और मरीजों की तादात बढ़ रही है। वहीं पेट में पाचन संबंधी प्रक्रिया सही न होने से मुंह फूलने जैसी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ रहा है। वहीं डिहाईड्रेशन और त्वचा संबंधी रोग भी इस सीजन में देखे जाने लगे हैं।
त्वचा पर भी गर्मी सीधा असर डालती है। दाने, खुजली, घमौरियां और सनबर्न आम हैं। धूप में निकलने से पहले स्किन को ढकना और सनस्क्रीन लगाना ज़रूरी हो जाता है। इसके अलावा पैरों तक की बात करें तो अधिक पसीना और गंदगी से फंगल इन्फेक्शन होने की आशंका बढ़ जाती है। जूते-मोजे पहनते समय सफाई का पूरा ध्यान रखें और अगर पैरों में बदबू या खुजली हो, तो डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें। डॉक्टर का कहना है कि इस मौसम में शरीर को पानी की बहुत ज़रूरत होती है। कम पानी पीने से शरीर में कमजोरी, थकावट और चक्कर जैसी समस्याएं आ सकती हैं। इसलिए दिन में बार-बार पानी पीते रहें, नारियल पानी और फल भी बहुत मददगार होते हैं।
चक्कर आना- गर्मी सिरदर्द, चक्कर और ध्यान की कमी जैसी समस्याएं भी बढ़ा सकती है। खासकर उन लोगों के लिए जो पहले से मानसिक दबाव या घबराहट से जूझ रहे हैं, गर्मी का असर और भी ज्यादा होता है।आंखों में जलन- आंखों की बात करें तो तेज धूप और पसीना आंखों में जलन और संक्रमण ला सकता है। बाहर निकलते समय धूप का चश्मा जरूर लगाना चाहिए और आंखों को बार-बार धोते रहना चाहिए।
नाक और गले पर भी गर्मी का असर साफ दिखता है। तेज धूल, प्रदूषण और पसीना इन हिस्सों को सूखा या इन्फेक्शन वाला बना सकता है। पानी की कमी से गला बार-बार सूखता है और खांसी या गले की खराश होने लगती है।
गर्मियों की शुरुआत होने वाली है और ऐसे मौसम में शरीर को पानी की बहुत ज़रूरत होती है। पेट की समस्या है तो खानपान संतुलित रखें। वहीं दर्द अधिक है तो डॉक्टर्स से परामर्श लेना जरुरी है।
डॉ शरद मिश्रा, जिला अस्पताल