विरासत वन को वैज्ञानिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी तैयार किया गया है। यहां 17 एकड़ क्षेत्र में वृक्ष नक्षत्र वन, नवग्रह पंचवटी वन, तीर्थंकर वन, सप्त ऋषि वन और श्रीपर्णी वन जैसे खंड विकसित किए गए हैं।
विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी खजुराहो अब केवल अपनी बेमिसाल पत्थर शिल्प कला के लिए ही नहीं, बल्कि प्रकृति और अध्यात्म के अनूठे संगम के लिए भी दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करेगी। राजनगर-गंज मार्ग पर गोरा तिराहे के पास वन कक्ष-675 के अंतर्गत 17 एकड़ की विशाल भूमि पर 'विरासत वन' का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। गुजरात के प्रख्यात सांस्कृतिक वनों की तर्ज पर विकसित हो रहे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए राज्य शासन ने 12 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है।
इस विरासत वन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहां खजुराहो की स्थापत्य कला को प्रकृति के साथ जोड़ा जा रहा है। वन परिसर के भीतर खजुराहो के विश्व प्रसिद्ध कंदरिया महादेव और देवी जगदंबिका मंदिर सहित कुल 25 प्रमुख मंदिरों की अद्भुत झलक और उनके प्रतिरूप देखने को मिलेंगे। यह पर्यटकों के लिए एक ऐसा अनुभव होगा जहंा वे मंदिरों के आध्यात्मिक दर्शन के साथ-साथ सघन वन की शांति का आनंद भी ले सकेंगे।
खजुराहो रेंजर नीलेश प्रजापति के अनुसार विरासत वन को वैज्ञानिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से भी तैयार किया गया है। यहां 17 एकड़ क्षेत्र में वृक्ष नक्षत्र वन, नवग्रह पंचवटी वन, तीर्थंकर वन, सप्त ऋषि वन और श्रीपर्णी वन जैसे खंड विकसित किए गए हैं। इन वाटिकाओं में उन पौधों को संरक्षित किया गया है जिनका सीधा संबंध मनुष्य के ग्रह-नक्षत्रों और स्वास्थ्य से है। इसके अलावा यहां चरक आरोग्य राशि वन भी बनाया गया है, जो प्राचीन बुंदेलखंडी औषधीय पौधों को पुनर्जीवित करने का कार्य करेगा।
विरासत वन को केवल एक उद्यान के रूप में नहीं, बल्कि एक संपूर्ण पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां आने वाले पर्यटकों के लिए ओपन एयर थिएटर (गजिबो), जल संरक्षण को दर्शाने वाला कुंड पार्क और बच्चों के लिए ओपन चिल्ड्रन एक्टिविटी एरिया तैयार किया जा रहा है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यहां आरोग्य वन और गोकुल वन जैसे शांत क्षेत्र होंगे, जहां वे शहरी कोलाहल से दूर शुद्ध वायु और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव कर सकेंगे।
प्रोजेक्ट के प्रथम चरण में फेंसिंग, गेट निर्माण, बोरवेल और बिजली लाइन का कार्य पूरा हो चुका है। वर्तमान में पर्यटकों की सुविधा के लिए गेस्ट रूम, पार्किंग और टॉयलेट ब्लॉक जैसे पक्के निर्माण कार्य अंतिम चरणों में हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि आगामी 6 माह के भीतर यह विरासत वन पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा और पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से खजुराहो में पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे और स्थानीय रोजगार में भी वृद्धि होगी।