नौगांव और हरपालपुर इलाके में अवैध फैक्ट्रियों में नकली और प्रतिबंधित गुटखा बड़ी मात्रा में तैयार किया जा रहा है, जो न केवल जिले में बल्कि सागर और दमोह जिलों तक भी सप्लाई किया जा रहा है।
जिले में अवैध गुटखा कारोबार लंबे समय से बेखौफ तरीके से चल रहा है, लेकिन संबंधित अधिकारियों की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण यह व्यापार लगातार बढ़ता जा रहा है। खासकर नौगांव और हरपालपुर इलाके में अवैध फैक्ट्रियों में नकली और प्रतिबंधित गुटखा बड़ी मात्रा में तैयार किया जा रहा है, जो न केवल जिले में बल्कि सागर और दमोह जिलों तक भी सप्लाई किया जा रहा है।
अवैध गुटखा बनाने वाले व्यापारी अब नगर क्षेत्र और आसपास के इलाकों को अपने उत्पादन का केंद्र बना चुके हैं। जानकारी के बावजूद अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह कारोबार खुलेआम चल रहा है। कई साल पहले मिक्स गुटखा पर प्रतिबंध लगाया गया था, जिससे लाइसेंसधारी व्यापारी पान मसाला और तंबाकू अलग-अलग बनाने लगे। लेकिन बिना लाइसेंसधारी व्यापारी अब मिक्स गुटखा की मशीनों से अवैध तंबाकू गुटखा तैयार कर बेच रहे हैं।
अवैध गुटखा माफिया अब सिर्फ तंबाकू गुटखा ही नहीं बल्कि राजश्री, कमलापसंद, तलब जैसे ब्रांडेड गुटखों की नकली प्रतियां भी बनाकर बेच रहे हैं। इन माफियाओं के गुर्गे घर-घर जाकर होम डिलीवरी करते हैं, जिससे अवैध कारोबार और अधिक फैल रहा है।
इन अवैध फैक्ट्रियों में नवाब, योगी, मोनी, भोला, किस्मत 2, किंग, जन्नत 2, राजकमल, पवन, समता, मनपसंद जैसे कई नामों से गुटखा तैयार किया जा रहा है। यह गुटखा न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि इसके सेवन से मुंह का कैंसर, दांतों की समस्या और अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।
स्थानीय अधिकारियों की लापरवाही ने इस अवैध कारोबार को बढ़ावा दिया है। युवा पीढ़ी के बीच गुटखा की खपत लगातार बढ़ रही है, जो उनके स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। नागरिकों और समाजसेवियों की अपील है कि अवैध फैक्ट्रियों को तुरंत बंद कर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि इस घातक कारोबार पर लगाम लग सके और लोगों की सेहत सुरक्षित रहे।