छतरपुर

हैंडओवर का पेंच… मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे दो सौ परिवार, वर्षों से साफ नहीं हुई पानी की टंकी

रखरखाव के लिए नगर पालिका को हैंडओवर किया जाना है। नगरपालिका का कहना है कि उन्हें हैंडओवर किया नहीं गया। वहीं हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पर ध्यान नहीं दे रहा।

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Sep 16, 2025
दर्जनों मकान वीरान

प्रशासनिक पेच में शहर की अमलतास कॉलोनी के दो सौ परिवार पिस रहे हैं। कॉलोनी को मॉडर्न तर्ज पर बनाया गया था, लेकिन वहां पर फैली अव्यवस्थाओं ने कॉलोनी को जर्जर कर दिया है। सैकडों मकान वीरान पड़े हैं और जो परिवार वहां रह रहे हैं उनका जीवन सुविधाओं के अभाव में हैं। कॉलोनी में न तो व्यवस्थित बिजली है और न ही कचरा वाहन आता है। गृह निर्माण विभाग द्वारा कॉलोनी को बनाया गया है और बाद में उसके रखरखाव के लिए नगर पालिका को हैंडओवर किया जाना है। नगरपालिका का कहना है कि उन्हें हैंडओवर किया नहीं गया। वहीं हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पर ध्यान नहीं दे रहा। कॉलोनी में फैली अव्यवस्थाओं से वहां के रहवासी परेशान हैं। पत्रिका ने सोमवार को वहां जाकर पड़ताल की तो वहां की तस्वीरें ऐसी सामने आईं।

तस्वीर-1

लाखों की लागत के दर्जनों मकान वीरान

कॉलोनी में लाखों की कीमत के दर्जनों मकान वीरान अवस्था में जर्जर हो गए हैं। मकानों के सामने कचरे के ढ़ेर पड़े मिले। कांच और खिड़कियां टूट चुके हैं। वहां जो रहवासी मकान खरीद चुके हैं उनकी दशा दयनीय हैं। कचरे के अंबार से बदबू उठ रही है।

तस्वीर-2

गार्डन चढ़ा अव्यवस्था की भेंट

कॉलोनी का गार्डन अव्यवस्था के दौर से गुजर रहा है। गार्डन में ताला लगा मिला। गार्डन के अंदर खुले में दो बड़े टैंक बिना किसी सुरक्षा के बने हुए हैं। जिससे बच्चों के गिरने का खतरा बना रहता है। प्रशासनिक लापरवाही की वजह से रहवासियों का जीवन हलाकान है।

तस्वीर-3

टंकी से उठ रही बदबू

अमलतास कॉलोनी में रहवासियों के लिए पानी की टंकी का निर्माण किया गया है, लेकिन टंकी से बदबू उठ रही है। रहवासियों का कहना है कि वर्षों से पानी की टंकी की सफाई नहीं हुई है और न ही व्यवस्थित रूप से पानी की सप्लाई की जा रही है। बिजली के खंभे तो लगे हैं, लेकिन लाइट की पूर्ति नहीं की जा रही है।

यह बोले रहवासी

कॉलोनी को नपा को हैंडओवर किया गया है, लेकिन यहां पर कोई व्यवस्था नहीं की गई। पानी, बिजली और साफ-सफाई का अभाव है। कचरा वाहन भी यहां नहीं आते। करीब दो सौ परिवार हलाकान है।

चंद्रभान चंद्राकर, रहवासी

मूलभूत सुविधाओं से कॉलोनी जूझ रही है। यहां पर पानी की टंकी से बदबू उठ रही है। दूषित पानी पीने को कॉलोनी के लरेग मजबूर हैं। जिन लोगों ने यहां घर

खरीद लिया उनकी स्थिति दयनीय हैं। प्रशासन सुनाई नहीं कर रही है।

गोरेलाल वर्मा, रहवासी

इनका कहना है

हाउसिंग बोर्ड द्वारा हैंडओवर प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। नियमानुसार हाउसिंग बोर्ड को ही रखरखाव करना चाहिए। प्रक्रिया का सर्टिफिकेट आने के बाद ही कॉलोनी नपा की मानी जाएगी।

माधुरी शर्मा, सीएमओ

Published on:
16 Sept 2025 10:33 am
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