आजकल के डिजिटल युग में साइबर अपराध एक गंभीर मुद्दा बन चुका है, खासकर युवाओं के लिए, जो इंटरनेट और सोशल मीडिया का अधिक इस्तेमाल करते हैं। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए "पत्रिका रक्षा कवच अभियान" के तहत छतरपुर जिले में युवाओं को साइबर अपराध से बचने के उपायों और सुरक्षा के तरीकों के बारे में जागरूक किया गया।
छतरपुर. आजकल के डिजिटल युग में साइबर अपराध एक गंभीर मुद्दा बन चुका है, खासकर युवाओं के लिए, जो इंटरनेट और सोशल मीडिया का अधिक इस्तेमाल करते हैं। इस बढ़ते खतरे को देखते हुए "पत्रिका रक्षा कवच अभियान" के तहत छतरपुर जिले में युवाओं को साइबर अपराध से बचने के उपायों और सुरक्षा के तरीकों के बारे में जागरूक किया गया। यह अभियान एक कदम है, जो युवा वर्ग को साइबर अपराध से होने वाली संभावित हानि से बचाने के लिए चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को साइबर अपराध के बढ़ते खतरों से अवगत कराना था। विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित किए गए कार्यक्रमों के दौरान विशेषज्ञों ने युवाओं को साइबर सुरक्षा के महत्वपूर्ण टिप्स दिए।
पत्रिका रक्षा कवच अभियान के तहत विशेष रूप से साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए युवाओं को निम्नलिखित बातों से अवगत कराया गया।
साइबर अपराधी फिशिंग के जरिए लोगों से उनके निजी और बैंकिंग विवरण प्राप्त करते हैं। युवाओं को बताया गया कि किसी भी अज्ञात ईमेल, लिंक या कॉल से अपना व्यक्तिगत विवरण साझा न करें और हमेशा सुनिश्चित करें कि जो वेबसाइट आप खोल रहे हैं वह असली और सुरक्षित है।
अभियान के दौरान युवाओं को यह बताया गया कि अपने सोशल मीडिया और बैंकिंग अकाउंट्स के लिए मजबूत पासवर्ड का इस्तेमाल करें और पासवर्ड को नियमित रूप से बदलते रहें। साथ ही, दो-चरणीय प्रमाणीकरण का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित किया गया।
ऑनलाइन खरीददारी के दौरान कई बार धोखाधड़ी का शिकार होने के मामले सामने आते हैं। इस पर युवाओं को सलाह दी गई कि किसी भी अनजान वेबसाइट से ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्त पूरी सतर्कता बरतें। अधिकृत वेबसाइटों और एप्लिकेशन्स से ही शॉपिंग करें।
इंटरनेट पर हमारी ऑनलाइन गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए कुछ वेबसाइट्स कुकीज़ का इस्तेमाल करती हैं। युवाओं को बताया गया कि किसी भी वेबसाइट पर जाते समय, वेबसाइट के ट्रैकिंग पॉलिसी और प्राइवेसी सेटिंग्स को पढ़े और उन्हें उचित तरीके से कंट्रोल करें।
सोशल मीडिया प्लेटफाम्र्स पर अपने व्यक्तिगत डेटा को साझा करते समय सतर्कता बरतने की सलाह दी गई। युवाओं को यह भी बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति से दोस्ती करने से पहले सावधानी बरतें और उन्हें अपनी निजी जानकारी न दें।
इस अभियान के दौरान यह भी बताया गया कि ऑनलाइन उत्पीडऩ और सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने के मामलों में युवाओं को किस तरह से आत्मरक्षा करनी चाहिए और किस प्रकार से पुलिस से सहायता ली जा सकती है।
पत्रिका रक्षा कवच अभियान के दौरान युवाओं को यह भी बताया गया कि वे साइबर सुरक्षा के महत्व को समझें और इंटरनेट का उपयोग करते वक्त किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें। इसके अलावा, उन्हें अपने स्मार्टफोन और लैपटॉप पर एंटीवायरस और मालवेयर सुरक्षा सॉफ़्टवेयर इंस्टॉल करने की सलाह दी गई, जिससे वे अनजान और हानिकारक ऐप्स और लिंक से सुरक्षित रह सकें। इस अभियान को युवाओं ने बहुत सकारात्मक तरीके से लिया। कई युवाओं ने अपनी राय दी कि अब वे साइबर अपराध से बचने के लिए अधिक जागरूक हो गए हैं और आने वाले समय में साइबर सुरक्षा को लेकर और अधिक सावधानी बरतेंगे।