
पांढुर्ना. 21 मार्च से खराब हुई आपातकाल चिकित्सा सेवा 108 बंद होने के कारण जिला अस्पताल मरीजों को रैफर करने के लिए समस्या होने लगी है।
महाराष्ट्र सीमा पर बसा पांढुर्ना शहर का क्षेत्रफल बहुत बढ़ा होने के बावजूद इतने लंबे समय से यह सेवा बंद है। इसे वापस शुरू करने के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया जा सका है। 108 वाहन सेवा र्के इंजन में खराबी है। इंजन को सुधारने के लिए वाहन को खड़ा किया गया है लेकिन दिन ब दिन बीतत जा रहे है इसे सुधारा नहीं जा रहा है। महामारी के कारण वैसे ही जिला हाईअलर्ट है। कभी भी बड़ी इमरजेंसी होने पर 108 सेवा सबसे अधिक महत्वपूर्ण साबित होगी। इसलिए इस सेवा को प्रारंभ किया जाना आवश्यक है।
स्थानीय 108 सेवा बंद होने के कारण सौंसर की ईमरजेंसी सेवा का उपयोग किया जा रहा है परंतु अधिकांश समय वह सौंसर के ही केस लानेे ले जाने में व्यस्त रहने के कारण से पांढुर्ना के मरीजों का इसका लाभ नहीं मिल रहा है। पिछले दिनों एक गरीब के बालक को गंभीर हालत में नागपुर रैफर करना पड़ा था। 108 सेवा नहीं मिलने के कारण सामाजिक संस्थाओं की मदद लेकर बालक को उपचार के लिए रैफर करना पड़ा।
नए वाहन की है दरकार: बताया जा रहा है कि पांढुर्ना का 108 वाहन क्रमांक एमपी 02, ए वी 4399 कंडम हो चुका है।
इस वाहन को बदलने की जरूरत है। इसके स्थान पर नया वाहन उपलब्ध कराया जाना एजेंसी का दायित्व है। बीएमओ डॉ. अशोक भगत का कहना है कि एसडीएम सीपी पटेल के माध्यम से कलेक्टर श्रीनिवास शर्मा से बातचीत कर शीघ्र वाहन उपलब्ध कराएं जाने का आग्रह किया गया है।