. जिला अस्पताल के मॉडल मेटर्निटी विंग में वर्ष 2016 में 308 शिशुओं ने तथा 15 प्रसूताओं ने दम तोड़ दिया। हालांकि दस हजार 130 शिशुओं ने जीवित रूप में जन्म भी लिया है। वहीं 10 हजार 383 प्रसूताओं की डिलेवरी हुई है। हाल ही में विभाग ने उपरोक्त रिपोर्ट जारी की है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2016 में कुल डिलवरी में 5 हजार 388 लड़के तथा 4742 लड़कियां जन्मी हैं। जबकि कुल मृत 308 शिशुओं में से 179 लड़के तथा 129 लड़कियां शामिल हंै।
रिकॉर्ड के अनुसार माह दिसम्बर 2016 में सबसे अधिक 38 शिशु तथा माह अगस्त में 3 प्रसूताओं की मृत्यु हुई है। जबकि मई व दिसंबर में होने वाले प्रसव में सभी महिलाएं स्वस्थ हैं।
उल्लेखनीय है कि बेटियों के संरक्षण के लिए शासन स्तर पर कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। लेकिन जिला अस्पताल के मॉडल मेटर्निटी विंग के आंकड़ों पर नजर डाले तो प्रसव के दौरान लड़कों की तुलना में लड़कियां अधिक दम तोड़ देती हैं। इसकी क्या वजह है, यह गहन अध्ययन का विषय है।
शासन की ओर से संस्थागत प्रसव कराने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाईं जा रहीं हैं, जिसके तहत प्रेरक और हितग्राही महिलाओं को प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। उल्लेखनीय है कि शासन के नियमानुसार गर्भवती महिलाओं का पंजीयन किए जाने और उनके स्वास्थ्य की आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से भी नियमित जांच का नियम है। लेकिन मैदानी हकीकत में कई महिलाएं इससे वंचित रहती हैं।