छोटे-छोटे रोल करके आगे बढ़ रहे हैं छिंदवाड़ा के हबीब मंसूरी
छिंदवाड़ा. कड़ी मेहनत, लगन और हमेशा लगे रहने से ही सफलता हासिल हो सकती है। बिन बोले जो अपने शब्दों को दर्शकों के बीच पहुंचा दे वही असली कलाकार कहलाता है। यह कहना है छिंदवाड़ा निवासी फिल्म एवं टीवी कलाकार हबीब मंसूरी का। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म ‘पगलापुर’ में हबीब ने अच्छा काम करके दर्शकों की वाहवाही लूटी है। फिल्म की खूब तारीफ हो रही है। हबीब ने पत्रिका से चर्चा में अपने अनुभव सांझा किए। उन्होंने बताया कि 16 साल से मैं मुंबई नगरी में काम कर रहा हूं। लगभग 8 फिल्म एवं 14 से अधिक धारावाहिक में काम कर चुके हैं। इसके अलावा छोटे-छोटे रोल कर रहे हैं। वर्तमान में माठिया फिल्म में वे काम कर रहे हैं। इस फिल्म के डायरेक्टर गणेश आचार्य हैं। फिल्म की शूटिंग पंचमढ़ी सहित अन्य जगहों पर हो रही है। हबीब ने मिनिस्ट्री वेब सीरीज में भी अच्छा काम किया है। उन्होंने बताया कि मुंबई नगरी में कोरोना के बाद से स्ट्रगल फिर से बढ़ गया है। काम नहीं मिल पा रहा है। पहले जिस काम के पैसे अधिक मिलते थे, वह अब कम हो गया है। हालांकि धीरे-धीरे अब फिर से सबकुछ प्लेटफॉर्म पर आ रहा है। टॉलीवुड में भी अब लोग जा रहे हैं।
अंगुली न होते हुए भी खुद को किया साबित
हबीब एक अच्छे कलाकार के साथ डांसर भी हैं। उनके डांस की तारीफ बप्पी लहरी, राजू श्रीवास्तव भी कर चुके हैं। हालांकि हबीब ने अपना कॅरियर कोरियोग्राफर के रूप में नहीं बल्कि कलाकार के रूप में बना रहे हैंं। हबीब ने बताया कि 17 साल पहले छिंदवाड़ा में मशहूर गायक बप्पी लहरी एवं कामेडियन राजू श्रीवास्तव आए थे। उन्होंने उनके काम को देखा और तारीफ की। इसके बाद राजू श्रीवास्तव के साथ ही वे मुंबई पहुंच गए। इसके बाद धीरे-धीरे कारवां आगे बढ़ता गया।
हर विधा में होना होगा पारंगत
हबीब के एक हाथ में महज दो ऊंगली है। हबीब ने बताया कि दिव्यांग होने के बावजूद भी उन्होंने हार नहीं मानी। डांस, म्यूजिक सहित अन्य विधा में पारंगत हुआ और फिर मुंबई नगरी में थोड़ा ही सही, लेकिन जगह बनाई। हबीब कहते हैं कि इस समय आपको हर विधा में निर्पूण होना होगा। अगर आपमें प्रतिभा है तो आज नहीं तो कल मुंबई में आपको जगह मिल ही जाएगी और लोग आपके काम के कायल हो जाएंगे।
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म दे रहा बेहतर जगह
हबीब कहते हैं कि ओटीटी प्लेटफॉर्म ने अब बाजार को ओपन कर दिया है। पहले पहचान से काम मिला करता था, लेकिन अब टैलेंट से काम की तारीफ होती है।