कसानों की कजऱ् माफी का मुद्दा
छिंदवाड़ा/ (चौरई) चौरई विधानसभा में कांग्रेस की ज्ञापन पॉलिटिक्स पर भाजपा ने हमला बोला है। भाजपा ने बयान जारी कर कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने वचन-पत्र में किसानों की कर्ज माफी को मुद्दा बनाकर सत्ता हासिल की थी। सरकार बनते ही मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा घोषणा पत्र में किए वादों की अनदेखी की गई जबकि कांग्रेस नेतृत्व ने 10 दिनों में कर्जा माफ करने का वचन दिया था कांग्रेस शासनकाल में किसानों को गेहूं पर 160 रुपए प्रति क्विंटल बोनस राशि देने की घोषणा की गई थी किसानों की लगातार मांग के बाद भी कमलनाथ सरकार ने किसानों को बोनस की राशि नहीं दी और अब एक वर्ष बाद कांग्रेस यह राशि देने ज्ञापन सौंप रही है।
मक्का में भावान्तर नहीं देने के बाद गेहंू की फसल में भी किसानों के साथ छल किया गया और अब कमलनाथ सरकार की घोषणा को भाजपा सरकार से पूर्ण कराने ज्ञापन सौंपा जा रहा है। भाजपा ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान के शासनकाल में किसानों को दो वर्ष की बोनस राशि एकसाथ दी गई थी 15 महीने सत्ता में रहकर भी कांग्रेस ने अपने वचनों को पूरा नहीं किया।
कांग्रेस सरकार को प्रदेश के किसानों को फसल बीमा की राशि देना था परंतु किसानों के साथ छल किया गया दूसरी ओर प्रदेश की सत्ता सम्भाालते ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फसल बीमा की राशि तत्काल किसानों को दी है।
कांग्रेस ने सत्ता में आते ही प्रदेश में चल रही भाजपा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को भी बन्द कर दिया था। किसानों के हितों को लेकर कांग्रेस ने अब तक सिर्फ नौटंकी की है। भाजपा ने चौरई विधायक पर तंज कस्ते हुए आरोप लगाया कि सरकार में रहकर भी कर्मचारी हित की बात हो या किसानों की अपने वचनों को पूरा नहीं कर पाने के बाद क्षेत्रीय विधायक सुजीत चौधरी द्वारा अब सीएम को पत्र लिखकर और ज्ञापन सौंपकर किसानों और कर्मचारियों के साथ भावनात्मक खिलवाड़ किया जा रहा है।